Ranchi : चक्रवाती तूफान अर्नब के तेजी से पूर्वी तटीय राज्यों ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बढ़ने और दोनों राज्यों के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ हवाओं के चलने से एहतियाती कदम तेज किए गए हैं. बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ झारखंड के मौसम को प्रभावित करने जा रहा है. गर्जन, भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना के मद्देनजर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.
तूफान का नाम ‘अर्नब’ किसने रखा?
इस सवाल पर मौसम केंद्र रांची के निदेशक और वैज्ञानिक अभिषेक आनंद बताया कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम पहले से तय सूची के अनुसार रखे जाते हैं. ‘अर्नब’ नाम बांग्लादेश ने सुझाया है. नामकरण की व्यवस्था विश्व मौसम विज्ञान संगठन और संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक आयोग की क्षेत्रीय समिति के तहत संचालित होती है.
उन्होंने बताया कि इस पैनल में 13 देश बांग्लादेश, भारत, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं. प्रत्येक देश ने 13 नाम दिए हैं. इस तरह कुल 169 नामों की सूची तैयार की गई है. नाम छोटे, आसानी से बोले और याद रखे जा सकने वाले होने चाहिए. नामकरण का उद्देश्य तूफान की पहचान आसान बनाना और चेतावनी को आम लोगों स्पष्ट रूप से पहुंचाना है.
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अगला चक्रवात का नाम होगा ‘मुरासु’
अभिषेक आनंद के अनुसार, ‘अर्नब’ के बाद सूची में अगला नाम भारत का सुझाया हुआ ‘मुरासु’ है. इसके बाद ईरान का ‘अकवन’ और मालदीव का ‘कानी’ नाम है. ये नाम सूची के तय क्रम के अनुसार इस्तेमाल किए जाएंगे. उत्तर हिंद महासागर में चक्रवातों को नाम देने की जिम्मेदारी भारत मौसम विज्ञान विभाग के नई दिल्ली स्थित क्षेत्रीय विशेषीकृत मौसम विज्ञान केंद्र की है.
कोल्हान में पहले दिखेगा असर
अनर्ब का झारखंड में कितना असर होगा, इस सवाल अभिषेक आनंद ने बताया कि भौगोलिक स्थिति के कारण इसका असर कोल्हान यानी सिंहभूम क्षेत्र में पहले दिखेगा. राज्य में अगले चार दिनों के दौरान बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका है. 28 और 29 अक्टूबर को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं. गर्जन, भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना के मद्देनजर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.

