National News : इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरेली हिंसा मामले में फतेहगढ़ जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा खान की जमानत याचिका खारिज कर दिये जाने की खबर है. उसके खिलाफ बरेली के बारादरी, कोतवाली, कैंट, किला और प्रेम नगर थाने में मुकदमा दर्ज है.
जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने 26 मई को सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, सर तन से जुदा जैसा नारा कानून के शासन और भारत की संप्रभुता को चुनौती देता है. बता दें कि हाईकोर्ट ने इस नारे की तुलना जय श्री राम, अल्लाहु अकबर, सत श्री अकाल, हर हर महादेव आदि धार्मिक नारों से करने से इनकार कर दिया.
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से यह बात साफ कर दी कि गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा....जैसे नारे को धार्मिक आस्था से जोड़कर नहीं देखे जा सकते. यह नारा हिंसक विद्रोह और हथियार उठाने के लिए लोगों को उकसाने का काम करता है, जो कानूनन अपराध है.
मौलाना तौकीर रजा का मामला 26 सितंबर 2025 को हुई हिंसा से संबंधित है. इस घटना में पुलिस ने मौलाना तौकीर रज़ा खान को मुख्य आरोपी बनाया गया था. मौलाना ने कोर्ट में जमानत के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली. हाईकोर्ट ने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी या धर्म के नाम पर ऐस कोई नारा स्वीकार नहीं किया जा सकता, जिससे देश की कानून व्यवस्था खतरे में पड़ जाये या हिंसा भड़के.
मामला यह है कि आला हजरत परिवार के सदस्य और आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद 26 सितंबर,2025 को को धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था उस समय जिले में BNS की धारा 163 लागू थी.प्रशासन द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिये जाने पर तौकीर रजा ने वीडियो जारी कर पुलिस और सरकार को चुनौती दी थी.
मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर जुमे की नमाज के बाद शहर में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गयी थी, पुलिसकर्मियों द्वारा रोके जाने पर भीड़ ने धक्कामुक्की शुरू कर दी और पथराव किया. सर तन से जुदा के नारे लगाये जाने लगे. भीड़ में शामिल लोगों ने पेट्रोल बम और फायरिंग की. वाहनों में तोड़फोड़ की गयी. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा था.
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