National News : कांग्रेस के दलित आदिवासी सांसदों ने मल्लिकार्जुन खरगे हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर आज मंगलवार दोपहर दो बजे तक राष्ट्रपति से मिलने का वक़्त मांगा है. वे इस मामले में उत्तराखंड सरकार के रवैये से नाराज है. वे राष्ट्रपति से मिल कर इसकी शिकायत करना चाहते हैं.
इस संबंध में एक और खबर आयी है. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ/हवन प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट के अनुसार इस मामले में किसी अतिरिक्त न्यायिक निर्देश की जरूरत नहीं है. हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है.
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने निष्पक्ष और कानूनसम्मत जांच का आश्वासन दिया है. खुद कोअनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित अधिवक्ता करार देत हुए याचिकाकर्ता ने स्थानीय पुलिस से अलग किसी वरिष्ठ अधिकारी या विशेष टीम से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी.
याचिकाकर्ता ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी गुहार लगाई थी महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने अदालत को जानकारी दी कि 30 अगस्त 2026 को हल्द्वानी थाने में एफआईआर संख्या 0297/2026 दर्ज की जा चुकी है.
साथ ही बताया कि बेंगलुरु में दर्ज जीरो एफआईआर हल्द्वानी स्थानांतरित की जायेगी, महाधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि पुलिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी
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