उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खनन टास्क फोर्स की प्रत्येक बैठक में जल संरक्षण, पौधरोपण एवं सस्टेनेबल माइनिंग से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी. खनन कार्य में ब्लास्टिंग प्रोटोकॉल एवं माइंस सेफ्टी प्लान का अक्षरशः पालन अनिवार्य होगा.
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि बंद खदानों के मुहानों की मजबूती से भराई की जाए. ओवरबर्डन गिराने, परियोजना तक सड़क निर्माण और ब्लास्टिंग के दौरान सभी नियमों का पालन हो. आसपास की बस्तियों को पूर्व सूचना दी जाए. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि कोयला चोरी, अवैध खनन व परिवहन से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें.
जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा ने जनवरी से जुलाई तक अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध हुई कार्रवाई की जानकारी दी. वहीं बीसीसीएल के प्रतिनिधियों ने भी कोयला चोरी रोकने और सुरक्षा उपायों की जानकारी साझा की. बैठक में ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, एडीएम, एसडीओ राजेश कुमार, डीटीओ दिवाकर सी द्विवेदी, सीआईएसएफ कमांडेंट, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम, एसडीपीओ सिंदरी आशुतोष सत्यम, एसडीपीओ बाघमारा पुरुषोत्तम कुमार सिंह, एसडीपीओ निरसा रजत मणिक बाखला, सभी सीओ, थाना प्रभारी व बीसीसीएल के एरिया जीएम समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
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