- कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नियुक्त करने का दिया आदेश
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने गोड्डा जिला में चौकीदार भर्ती (विज्ञापन संख्या 01/2024) से जुड़े विशाल हेंब्रम और अन्य की याचिका की सुनवाई की. कोर्ट ने मामले में स्पष्ट किया है कि केवल संबंधित 'बीट' (Beat) क्षेत्र का स्थायी निवासी नहीं होने के आधार पर किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने राज्य सरकार और गोड्डा जिला प्रशासन को याचिकाकर्ताओं के मामलों पर दोबारा विचार करते हुए नियुक्ति करने का निर्देश दिया. साथ ही याचिका को स्वीकार करते हुए उसे निष्पादित कर दी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा.
याचिका में कहा गया था कि गोड्डा जिले में चौकीदार के 276 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी. याचिकाकर्ताओं ने लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक पास की, लेकिन अंतिम परिणाम में केवल 109 पदों का परिणाम प्रकाशित किया गया और कई पद रिक्त छोड़ दिए गए. याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि उनसे कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया, जबकि उन्हें केवल इस आधार पर नियुक्ति नहीं दी गई कि वे संबंधित 'बीट' क्षेत्र के निवासी नहीं हैं.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार इस तथ्य का खंडन नहीं कर सकी कि याचिकाकर्ताओं के दावे को 'बीट' क्षेत्र का निवासी नहीं होने के आधार पर अस्वीकार किया गया था.
हाईकोर्ट ने अपने पूर्व के खंडपीठ के कुछ निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड चौकीदार कैडर नियमावली, 2015 और विज्ञापन की शर्तों के अनुसार उसी 'बीट' का निवासी होना अनिवार्य नहीं है. आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसी 'बीट' के योग्य अभ्यर्थी को भी नियुक्त किया जा सकता है.
कोर्ट ने कहा कि स्थायी निवास के आधार पर इस प्रकार का आरक्षण या भेदभाव कानून के अनुरूप नहीं है.
कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं के मामलों पर पुनर्विचार करें और यदि वे अन्य सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हों और कोई अन्य कानूनी बाधा न हो, तो उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जाए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment