Lagatar Desk : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आठ जिलों की 142 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ. चुनाव आयोग की ओर से शाम पांच बजे तक का मतदान प्रतिशत का आंकड़ा जारी कर दिया गया है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शाम 5 बजे तक बंगाल में 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इससे पहले दोपहर तीन बजे तक 78.68 फीसदी वोट डाले जा चुके थे. तीन बजे तक पूर्व बर्धमान में सबसे ज्यादा 83.11 प्रतिशत. जबकि हुगली में 80.77 प्रतिशत वोट डाले गये.
Bengal registers 89.99 pc voter turnout till 5 pm in second phase of Assembly polls: EC. pic.twitter.com/R35XyllaO5
— Press Trust of India (@PTI_News) April 29, 2026
इससे पहले चुनाव आयोग ने दोपहर एक बजे तक हुए मतदान का आंकड़ा जारी कर बताया था कि एक बजे तक 61.11 फीसदी मतदान हो चुका है.
West Bengal records a healthy 78.68% voter turnout till 3:00 PM during phase 2 of polling
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हालांकि वोटिंग के दौरान कई विधानसभा क्षेत्रों से EVM से छेड़छाड़, मारपीट, झड़प और नारेबाजी की घटनाएं सामने आ रही है. इससे पहले सुबह 11 बजे तक 39.97 फीसदी वोटिंग हुई थी. पूर्वी वर्धमान में सबसे ज्यादा 44.50 फीसदी और कोलकाता साउथ में सबसे कम 36.78% मतदान हुआ था.
39.97% approximate voter turnout recorded till 11 am in the second and final phase of West Bengal elections 2026. pic.twitter.com/1vIpPD6vKI
— ANI (@ANI) April 29, 2026
चुनाव आयोग के अनुसार 11 बजे तक हुगली में 43.12%, नादिया में 40.34%, हावड़ा में 39.45%, नॉर्थ 24 परगना में 38.43%, कोलकाता नॉर्थ में 38.39% और साउथ 24 परगना में 37.92% वोटिंग हुई है. बता दें कि इससे पहले सुबह 9 बजे तक 18.39 फीसदी वोटिंग हुई थी.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में 3 करोड़ 21 लाख 73 हजार 837 मतदाता है. इनमें एक करोड़, 64 लाख, 35 हजार, 627 पुरुष, एक करोड़, 57 लाख, 37 हजार, 418 महिलाएं और 792 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं.
बता दें कि ये निर्वाचन क्षेत्र आठ प्रमुख जिलों उत्तर कोलकाता (7 सीटें), दक्षिण कोलकाता (4), उत्तर 24 परगना (33), दक्षिण 24 परगना (31), हावड़ा (16), नदिया (17), हुगली (18) और पूर्व बर्धमान (16) में फैले हुए हैं.
जनसांख्यिकीय रूप से दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और दक्षिण कोलकाता के बड़े हिस्सों में अल्पसंख्यक आबादी है. नदिया और उत्तर 24 परगना जैसे जिलों की बात करें तो यहां भारी संख्या में मतुआ और शरणार्थी समुदाय बसा हुआ हैं. यहां पहचान और नागरिकता का मुद्दा प्रमुख है.तीन जिलों में अंतरराष्ट्रीय और नदी सीमाएं हैं
महत्वपूर्ण बात यह है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के आक्रामक प्रचार के बावजूद टीएमसी ने इन क्षेत्रों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाये रखते हुए 142 में से 123 सीटों पर जीत हासिल की थी.
भाजपा की बात करें तो पूरे बंगाल में उसे 77 सीटें मिली थी. लेकिन इस क्षेत्र में भाजपा को केवल 18 सीटें मिली थी. अहम बात यह है कि इस चरण में कुछ हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र दांव पर हैं. भवानीपुर में ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के साथ है.
इसके अलावा टीएमसी के फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट), चंद्रिमा भट्टाचार्य (दमदम उत्तर), शशि पांजा (श्यामपुकुर), अरूप विश्वास (टॉलीगंज), ब्रात्य बसु (दमदम) और सुजीत बसु (बिधाननगर) हेवीवेट उम्मीदवार है.
भाजपा ने ने स्वपन दासगुप्ता और रूपा गांगुली जैसे चर्चित चेहरों को मैदान में उतारा है. पानीहाटी से आरजी कर अस्पताल की पीड़िता की मां को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है.
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