Kolkata : चुनाव आयोग ने सोमवार रात पश्चिम बंगाल SIR में विचाराधीन 60 लाख से अधिक मामलों का विस्तृत डेटा जिलेवार जारी कर दिया. जो जानकारी सामने आयी है. उसके अनुसार SIR प्रक्रिया में अब तक कुल 90.66 लाख वोटरों के नाम कट गये हैं. अब राज्य में 6.77 करोड़ मतदाता बचे हैं. सीमावर्ती जिलों मालदा और मुर्शिदाबाद में सर्वाधिक नाम हटाये गये हैं.
कल 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आज तक का समय दिया था. अहम बात यह है कि बंगाल में SIR प्रक्रिया तीन बड़े चरणों में पूरी हुई है. दिसंबर 2025 में प्रारंभिक ड्राफ्ट में 58.2 लाख नाम हटे थे.
इस क्रम में फरवरी 2026 में अंतिम सूची प्रकाशन हुआ तो 5.46 लाख और नाम कट गये. उसके बाद हो हंगामा शुरू हो गया. टीएमसी ने आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया.
मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए न्यायिक अधिकारियों को इस काम में आयोग की सहायता के लिए लगाया. न्यायिक अधिकारियों द्वारा विस्तृत जांच के बाद 27 लाख से अधिक नाम हटाये गये है,
अब कुल संख्या 90 लाख से अधिक हो गयी है. चुनाव आयोग ने फरवरी 2026 में अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के आधार पर 60 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम जांच के दायरे में रखे थे. आयोग ने ये मामले अंडर एडजुडिकेशन' कैटेगरी में रखे थे.
न्यायिक अधिकारियों ने इस सूची की जांच कर की. न्यायिक अधिकारियों ने लगभग 59.84 लाख मामलों का निपटारा किया है. जांच के क्रम में लगभग 32.68 लाख पात्र लोगों के नाम फिर मतदाता सूची में जोड़े गये. 27.16 लाख नाम अपात्र घोषित कर हटा दिये गये.
अहम बात यह है कि आयोग के इतिहास में पहली बार पश्चिम बंगाल एसआईआर को लेकर जिलावार एडिशन और डिलिशन का डेटा सार्वजनिक किया गया है.
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