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बंगाल में मताधिकार पर संकट लोकतंत्र का मजाक: दीपांकर भट्टाचार्य

Ranchi: भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने आज प्रेस वार्ता कर पश्चिम बंगाल की चुनावी प्रक्रिया और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बंगाल में SIR के जरिए करीब 60 लाख लोगों के वोट देने के अधिकार को अधर में लटका दिया गया है, ऐसे में वहां चुनाव कराना लोकतंत्र का मजाक होगा.
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Ranchi: भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने आज प्रेस वार्ता कर पश्चिम बंगाल की चुनावी प्रक्रिया और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बंगाल में SIR के जरिए करीब 60 लाख लोगों के वोट देने के अधिकार को अधर में लटका दिया गया है, ऐसे में वहां चुनाव कराना लोकतंत्र का मजाक होगा.

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर भारी संख्या में महिलाओं और अल्पसंख्यकों को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रही है. भट्टाचार्य ने कहा कि अभी तक मतदाता सूची पूरी तरह तैयार नहीं है और चुनाव आयोग की भूमिका भी आपत्तिजनक बनी हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल के राज्यपाल, मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को बदलकर केंद्र सरकार ने प्रशासनिक तंत्र को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की है.

 

 

चुनावी रणनीति पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि बंगाल में भाकपा माले वाम मोर्चा के साथ मिलकर 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. असम में पार्टी वृहतर गठबंधन का हिस्सा होगी और कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. तमिलनाडु में भाकपा माले 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि अन्य सीटों पर डीएमके गठबंधन का समर्थन करेगी. वहीं केरल के कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर जिलों में पार्टी 3 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी.

 

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि रमजान के महीने में ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के मामले में भारत का रुख शर्मनाक रहा है. उन्होंने कहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में भारत के करीब एक करोड़ मजदूर फंसे हुए हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है. उन्होंने प्रधानमंत्री की चुप्पी और देर से कूटनीतिक प्रतिक्रिया को विफलता बताया और कहा कि इससे भारत के अंतरराष्ट्रीय सम्मान और आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा है, जिसका असर तेल और एलपीजी संकट के रूप में दिख रहा है.

 

उन्होंने कहा कि 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी रेगुलेशन को लेकर फैसला आने वाला है, जिस पर भाकपा माले अपनी आवाज बुलंद कर रही है. इसके अलावा 18 मार्च को रांची में मनरेगा और रसोई गैस की समस्याओं को लेकर राजभवन के समक्ष जनसुनवाई आयोजित की जाएगी. उन्होंने मनरेगा को पुनः प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी की.

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