Bhagalpur : जिले के पीरपैंती प्रखंड में प्रस्तावित 2400 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के निर्माण को लेकर गुरुवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित पर्यावरणीय जन सुनवाई में ग्रामीणों ने हाथ उठाकर परियोजना के समर्थन में अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की.
यह जन सुनवाई बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न पंचायतों से आए जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए. ग्रामीणों ने एकमत से कहा कि पावर प्लांट की स्थापना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और चहुंमुखी विकास को गति मिलेगी.
वक्ताओं ने कहा कि परियोजना के शुरू होने से पीरपैंती रोजगार का पावर हाउस बनेगा और युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा. साथ ही यह पावर प्लांट केवल पीरपैंती ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार की औद्योगिक और आर्थिक विकास यात्रा का सारथी साबित होगा.
जन सुनवाई की अध्यक्षता भागलपुर के अपर जिला अधिकारी (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन एवं बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्राधिकारी शंभुनाथ झा ने की. इस दौरान अडाणी समूह के वरीय पर्यावरण पदाधिकारी आर. एन. शुक्ला ने परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले उपायों की विस्तृत जानकारी दी.
ग्रामीणों ने जन सुनवाई के दौरान पर्यावरण सुरक्षा, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों को सुनिश्चित करने की मांग रखी, जिस पर परियोजना प्रबंधन की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया. पावर प्लांट को ग्रामीणों की हरी झंडी, हाथ उठाकर दी पूर्ण सहमति
भागलपुर : जिले के पीरपैंती प्रखंड में प्रस्तावित 2400 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के निर्माण को लेकर गुरुवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित पर्यावरणीय जन सुनवाई में ग्रामीणों ने हाथ उठाकर परियोजना के समर्थन में अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की.
यह जन सुनवाई बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न पंचायतों से आए जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए. ग्रामीणों ने एकमत से कहा कि पावर प्लांट की स्थापना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और चहुंमुखी विकास को गति मिलेगी.
वक्ताओं ने कहा कि परियोजना के शुरू होने से पीरपैंती रोजगार का पावर हाउस बनेगा और युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा. साथ ही यह पावर प्लांट केवल पीरपैंती ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार की औद्योगिक और आर्थिक विकास यात्रा का सारथी साबित होगा.
जन सुनवाई की अध्यक्षता भागलपुर के अपर जिला अधिकारी (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन एवं बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्राधिकारी शंभुनाथ झा ने की. इस दौरान अडाणी समूह के वरीय पर्यावरण पदाधिकारी आर. एन. शुक्ला ने परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले उपायों की विस्तृत जानकारी दी.
ग्रामीणों ने जन सुनवाई के दौरान पर्यावरण सुरक्षा, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों को सुनिश्चित करने की मांग रखी, जिस पर परियोजना प्रबंधन की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया.
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