New Delhi : संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) सहित कई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने US ट्रेड डील, मोदी सरकार की आर्थिक नीति, नये श्रम कानूनों के विरोध में आज 12 फरवरी को भारत बंद बुलाया है.
आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने सड़कों पर हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 12, 2026
मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएँ उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी।
किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा।
और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी…
किसान मोर्चा के अनुसार भारत बंद नया श्रम कानून को वापस लेने, बिजली विधेयक-2025, बीज विधेयक-2025, VB-G RAM G एक्ट-2025 को रद्द करने की मांग को लेकर बुलाया गया है.
इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, न्यूनतम मजदूरी लागू करने की भी मांग की गयी है. बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी बंद का समर्थन किया है.
किसान मोर्चा ने कहा कि कृषि मजदूर यूनियनों का मंच और एनआरईजीए संघर्ष मोर्चा भी देशभर में किये जा रहे विरोध प्रदर्शनों में भागीदारी करेगा. ट्रेड यूनियनों ने कहा कि भारत बंद में संगठित और असंगठित क्षेत्रों के लाखों मजदूर शामिल होंगे.
एसकेएम ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की नीतियां सिर्फ कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं. किसान मोर्चा ने US ट्रेड डील को आर्थिक उपनिवेशवाद का ब्लूप्रिंट करार दिया है.
दावा किया गया है कि अमेरिका से सस्ते आयात के कारण भारतीय डेयरी और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होगा. किसान मोर्चा प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाने और मुक्त व्यापार समझौतों की प्रतियां जलाने की अपील की है.
राहुल गांधी ने भारत बंद का समर्थन करते हुए एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक की आवाज बुलंद करने सड़कों पर उतरे हैं. मजदूरों को डर है कि नयी चार श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी.
किसान आशंका जाहिर कर रहे हैं कि व्यापार समझौता(US ट्रेड डील) उनकी आजीविका पर चोट करेगा राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर किसानों-मजदूरों की आवाज को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है.
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