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झारखंड के मरीजों के लिए बड़ी खबर, रिम्स में तैयार हो रही 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट

रिम्स में गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वर्तमान हालात यह है कि क्रिटिकल केयर आईसीयू के केवल 45 बेड उपलब्ध हैं. लगभग हर समय बेड भरे रहते हैं. इस कारण कई मरीजों को वेंटिलेटर और आईसीयू बेड के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है. कई बार मरीज एंबुलेंस में ही इंतजार करने को विवश हो जाते हैं.
 

Ranchi : रिम्स में गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वर्तमान हालात यह है कि क्रिटिकल केयर आईसीयू के केवल 45 बेड उपलब्ध हैं. लगभग हर समय बेड भरे रहते हैं. इस कारण कई मरीजों को वेंटिलेटर और आईसीयू बेड के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है. कई बार मरीज एंबुलेंस में ही इंतजार करने को विवश हो जाते हैं.

 

लेकिन अब समस्या से जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है. रिम्स परिसर में विश्राम गृह के सामने 100 बेड का आधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार की जा रही है. निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. लगभग आधा काम पूरा हो चुका है. निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि इसे इसी साल के अंत तक हर हाल में पूरा कर अस्पताल प्रबंधन को सौंप दें. 

 

क्रिटिकल केयर यूनिट करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है. शुरुआत में यह योजना 50 बेड की थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 100 बेड की कर दी है. इस यूनिट के पूरा होने के बाद आईसीयू बेड की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा.

 

नयी क्रिटिकल केयर यूनिट के शुरू होने से मरीजों को कई तरह से फायदा होगा. वेंटिलेटर सपोर्ट तुरंत मिल सकेगा. ऑपरेशन के बाद मरीजों की निगरानी बेहतर तरीके से हो पाएगी. वेटिंग टाइम कम होगा और एंबुलेंस में इंतजार की समस्या भी खत्म होगी.

 

नयी इमारत को आधुनिक सुविधाओं के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है. ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी एंट्री के अलावा यहां एडवांस ट्रॉमा सपोर्ट और 24 घंटे डायग्नोस्टिक सेवाएं भी उपलब्ध होंगी. मरीजों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं.

 

पहली मंजिल पर हाई डिपेंडेंसी यूनिट और पोस्ट ऑपरेटिव केयर यूनिट होगी, जहां ऑपरेशन के बाद मरीजों की निगरानी की जाएगी. दूसरी मंजिल मुख्य आईसीयू फ्लोर होगा, जहां वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटरिंग और डॉक्टर व नर्स की 24 घंटे तैनाती रहेगी. तीसरी मंजिल पर न्यूरो, कार्डियक केयर, डायलिसिस और बेडसाइड जांच जैसी सुविधाएं दी जाएंगी.

 

केंद्र सरकार  देश के कई राज्यों में इस तरह की क्रिटिकल केयर यूनिट विकसित कर रही है ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके और बड़े अस्पतालों पर दबाव कम हो. रिम्स में इस सुविधा के विस्तार से झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.

 

 

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