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Big News :  झारखंड HC ने पहली बार एक साथ 8 IPS समेत कई IO को किया तलब, जानें क्या है मामला

झारखंड हाईकोर्ट ने संभवतः पहली बार किसी मामले में एक साथ 8 आईपीएस अधिकारियों समेत कई अनुसंधानकर्ताओं (आईओ) को तलब किया है. जिस मामले में आईपीएस अफसरों व आईओ को हाईकोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है, वह गुमला में साल 2018 से लापता बच्ची से जुड़ा है.
 

Ranchi  :  झारखंड हाईकोर्ट ने संभवतः पहली बार किसी मामले में एक साथ 8 आईपीएस अधिकारियों समेत कई अनुसंधानकर्ताओं (आईओ) को तलब किया है. जिस मामले में आईपीएस अफसरों व आईओ को हाईकोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है, वह गुमला में साल 2018 से लापता बच्ची से जुड़ा है.

 

झारखंड हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाते हुए वर्ष 2018 से अब तक गुमला जिले में पदस्थापित रहे एसपी अधिकारियों और मामले की जांच से जुड़े आईओ को 9 जून को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने को कहा है.  कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है.

 

9 जून को जिन आईपीएस अधिकारियों को कोर्ट में उपस्थित होना है, उनमें वर्तमान गुमला एसपी हारिस बिन जमा, आईपीएस अंशुमन कुमार, अश्विनी कुमार सिन्हा, अंजनी कुमार झा, हृदीप पी. जनार्दनन, डॉ. एहतेशाम वकारिब, हरविंदर सिंह और शंभू कुमार सिंह शामिल हैं. इसके अलावा इस केस से जुड़े एक दर्जन से अधिक अनुसंधानकर्ताओं को भी कोर्ट में पेश होना है.

 

 

दरअसल, गुमला जिले की छह वर्षीय बच्ची सितंबर 2018 से लापता है. मामले में अब तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर नाराजगी जताई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और संदिग्ध लोगों से तत्काल पूछताछ क्यों नहीं की गई.

 

हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि सात साल बीत जाने के बाद भी गुमला पुलिस बच्ची का पता नहीं लगा पाई, क्या एक साल का और समय चाहिए. अदालत ने बच्ची के अब तक नहीं मिल पाने को गंभीर चिंता का विषय बताया. मामले की सुनवाई 9 जून है, जिस पर पूरे राज्य की नजर टिकी है.

 

 

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