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बिहार: बांका जिले में गुरुजी का फर्जी ऑनलाइन हाजिरी, 19 शिक्षक पकड़ाए, कई का वेतन रूका

बांका जिले में शिक्षा विभाग ने फर्जी हाजिरी बनाने वाले शिक्षकों के खिलाफ अभियान शुरू किया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव के जारी आदेशों में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें जिले के 7 प्रखंडों के कुल 19 शिक्षक ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने स्कूल में मौजूद न रहते हुए भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी एटेंडेंस दर्ज कराया है.
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Patna: बांका जिले में शिक्षा विभाग ने फर्जी हाजिरी बनाने वाले शिक्षकों के खिलाफ अभियान शुरू किया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव के जारी आदेशों में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें जिले के 7 प्रखंडों के कुल 19 शिक्षक ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने स्कूल में मौजूद न रहते हुए भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी एटेंडेंस दर्ज कराया है.


विभागीय जांच में सामने आया कि कई शिक्षक बिहार की सीमा से बाहर रहते हुए भी ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे थे, जिसे गंभीर अनियमितता और फर्जीवाड़ा माना गया है. शिक्षा विभाग ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है.


सबसे हैरान करने वाला मामला शंभूगंज प्रखंड से आया है, जहां बालिका उच्च विद्यालय कादराचक की शिक्षिका कुमुद कुमारी का नाम तीन अलग-अलग तिथियों 25, 28 और 30 मार्च 2026 को जिले से बाहर उपस्थित पाए जाने के रूप में दर्ज है. ऐसा ही मामला धोरैया प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कुर्मा की शिक्षिका सरिता कुमारी की भी है. वे 26 और 30 मार्च को दो बार इस तरह की गड़बड़ी में पकड़ी गई हैं.


डीपीओ ने सभी चिन्हित शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने को कहा है. जिन शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है, उनमें शंभूगंज, धोरैया, चांदन, बांका, रजौन, बाराहाट और बेलहर प्रखंड के कई स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं. जिसमें कई शिक्षकों पर वेतन रोकने की भी कार्रवाई की गई है. वहीं कुछ शिक्षकों के वेतन को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है.


धोरैया प्रखंड में भी कई शिक्षक जांच के दायरे में हैं, जिसमें मुकेश कुमार, श्यामाकांत शर्मा, गौरव कुमार गौतम और अन्य के नाम शामिल हैं. डीपीओ संजय कुमार यादव ने साफ किया कि जब तक सभी शिक्षकों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता, तब तक संबंधित दिनों का वेतन रोक कर रखा जाएगा. अगर शिक्षकों का जवाब असंतोषजनक पाया जाता है तो विभाग वेतन कटौती और दंडात्मक कार्रवाई करेगी.

 

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