Patna: अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में सीमांचलल क्षेत्र में फसलों को पहुंचे नुकसान का मुद्दा उठाया. हाल में आई भीषण आंधी व तेज बारिश से सीमांचल क्षेत्र में किसानों के फसल बर्बाद हो गए. जिसके बाद से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई है.
अचानक मौसम के बदले मिजाज के चलते सीमांचल क्षेत्र, विशेषकर अररिया जिले में हजारों किसान के फसल नष्ट हो गए हैं. सांसद ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जान-माल की क्षति हुई है. उन्होंने कहा कि, सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से बाढ़ एवं जलभराव जैसी स्थायी समस्याओं से जूझ रहा है.
कोसी, परमान सहित अन्य नदियों के कारण हर साल लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित होती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रमुख रूप से कृषि आधारित है. जहां धान, मक्का एवं जूट की खेती बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन बार-बार की प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को भारी नुकसान पड़ता है. साथ ही क्षेत्र से युवाओं का पलायन भी तेजी से बढ़ रहा है.
सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि सीमांचल क्षेत्र को राष्ट्रीय आपदा प्रभावित कृषि जोन घोषित किया जाए. हाल में हुए आंधी-बारिश से क्षति का जल्द आकलन कर प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए. साथ ही क्षेत्र के चौतरफा विकास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाए.
साथ ही सांसद ने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना तैयार की जाए. पीएम फसल बीमा योजना को अधिक सरल तथा प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसानों को समय पर लाभ प्राप्त हो. सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और तटबंधों के मजबूतीकरण के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की.
उन्होंने कहा कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सीमांचल क्षेत्र गंभीर आर्थिक संकट की ओर जा सकता है. केंद्र एवं राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस दिशा में जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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