Lagatar Desk
Patna : बिहार के सबसे बड़े घोटालेबाज रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री टेंडर स्कैम में दो आइएएस अधिकारी सस्पेंड हो चुके हैं. एक अन्य अधिकारी पर कार्रवाई हो चुकी है. इसके साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि 15 अधिकारी लपेटे में हैं, जिन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है.
कहा जा रहा है कि ये वही अधिकारी हैं, जिनके इशारे पर रिशू श्री काम करता था और रिशु श्री के इशारे पर वो काम करते थे. अफसरों की मोटी कमाई और रिशु श्री का मोटा मुनाफा होता था. रिशु श्री अफसरों को "भैया" कह कर बुलाता था.
दरअसल, रिशु श्री बिहार के जल संसाधन विभाग समेत अन्य विभागों में ठेके का काम करता था. इसी दौरान वह अफसरों व इंजीनियरों के संपर्क में आया. जब तक बिहार के मुखिया नीतीश कुमार रहे, तब तक यह घोटाला दबा रहा, लेकिन निजाम बदलते ही घोटाले में कार्रवाई शुरु हुई और अब यह सबके सामने है
हजारों करोड़ का घोटाला उसी दौरान हुआ जब बिहार में कथित सुशासन की सरकार थी और उसे ना खाऊंगा न खाने दूंगा वाली पार्टी का समर्थन. जानकारी के मुताबिक ईडी ने जांच का दायरा रिशू श्री की 15 कंपनियों तक बढ़ा दिया है.
वर्ष 2016 से लेकर 2025 तक बिहार के जल संसाधन विभाग से लेकर नगर विकास व आवास विभाग की योजनाओं का ठेका मिला. ईडी ने विभागों को पत्र लिखकर कंपनियों के बारे में पूरी जानकारी मांगी है.
अब तक जो जानकारी सामने आयी है उसके मुताबिक रिशु श्री की कंपनियों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जलापूर्ति योजनाएं व शहरी सौंदर्यीकरण के काम किये हैं. ईडी इस बात की जांच कर रही है कि टेंडर आवंटन में नियमों का पालन किया गया या नहीं. किस-किस स्तर पर गड़बड़ी हुई.
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