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बिहार: फर्जी गुरुजी गिरफ्तार, जाली सर्टिफिकेट से बने शिक्षकों पर बाज निगाह

बांका जिले में फर्जी शिक्षकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. निगरानी  विभाग की टीम ने जिले के 4 अलग-अलग थानों में एक साथ 10 शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस कार्रवाई के बाद कई शिक्षकों की गिरफ्तारी भी की गई है, जबकि अन्य की जांच जारी है.
 

Patna: बांका जिले में फर्जी शिक्षकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. निगरानी  विभाग की टीम ने जिले के 4 अलग-अलग थानों में एक साथ 10 शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस कार्रवाई के बाद कई शिक्षकों की गिरफ्तारी भी की गई है, जबकि अन्य की जांच जारी है. 

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जानकारी के मुताबिक, रविवार को हुए कार्रवाई से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है. अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए गए है. सदर थाना बांका में 2 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जिसमें एसएस बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के टीचर रामशरण चौधरी का नाम शामिल है. बताया गया कि रामशरण चौधरी मार्च में ही भूगोल विषय के शिक्षक पद से रिटायर हो चुके थे. अब उनके दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.


एक दूसरी शिक्षिका रीता देवी के मामले में गड़बड़ झाला सामने आया है. उन पर भी गंभीर आरोप हैं. वह मध्य विद्यालय लीलावरण में पदस्थ थीं. वह जगाय गांव निवासी सीताराम यादव की पुत्री बताई जाती हैं. जांच में सामने आया कि उनका इंटरमीडिएट का सर्टिफिकेट झारखंड से जारी था, जो फर्जी निकला. वह 2005 से शिक्षक के पद पर कार्यरत थीं.


अमरपुर थाने में सबसे ज्यादा मामला

जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 6 शिक्षकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें प्रोन्नत मध्य विद्यालय गोपालपुर के शिक्षक महेश कुमार भगत का नाम शामिल हैं. वे 2006 में नियोजन इकाई से बहाल हुए थे. जांच में उनका महाराष्ट्र से जारी सीपीएड प्रमाण पत्र फर्जी मिला है. 


मध्य विद्यालय चपरी की शिक्षिका वंदना कुमारी पर भी केस दर्ज किए गए है. वह पिछले लगभग 20 वर्षों से फर्जी सीपीएड प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी कर रही थीं. इसी तरह प्रोन्नत मध्य विद्यालय कुल्हड़िया के शिक्षक अजय कुमार भगत पर कार्रवाई हुई है. जो 2006 से नौकरी कर रहे थे. इनका प्रमाण पत्र भी महाराष्ट्र से जारी हुआ बताया गया था और जो जांच में फर्जी निकला.

 


प्रोन्नत मध्य विद्यालय इंद्रसेना की शिक्षिका प्रेमलता कुमारी, मध्य विद्यालय भीखनपुर के शिक्षक राजीव मंडल और मध्य विद्यालय भदरिया के शिक्षक देवकीनंदन मिश्र पर भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने का आरोप है.


जिले के सूईया और बेलहर थाना क्षेत्रों में भी फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. वहीं, एक शिक्षक को गिरफ्तार भी किया गया है. अन्य मामलों में गिरफ्तारी और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है.

 

इस पूरी कार्रवाई के बाद बांका जिले की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी कर रहे शिक्षकों का खुलासे से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने संकेत दिए हंश कि आगे भी ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी.

 

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