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बिहार: उद्घाटन बोर्ड में नाम नहीं होने पर ‘माननीय’ नाराज, सदन में हंगामा

बिहार विधान परिषद में सोमवार को एक अनोखा और अनूठा मामला सामने आया, जब एक विधान परिषद सदस्य ने सरकार के आदेश की अवहेलना का मुद्दा उठाया. मामला सरकारी कार्यक्रमों में नहीं भेजे जाने और शिलापट्ट (उद्घाटन बोर्ड) पर विधान परिषद सदस्यों का नाम शामिल नहीं किए से जुड़ा है.
 

Patna: बिहार विधान परिषद में सोमवार को एक अनोखा और अनूठा मामला सामने आया, जब एक विधान परिषद सदस्य ने सरकार के आदेश की अवहेलना का मुद्दा उठाया. मामला सरकारी कार्यक्रमों में नहीं भेजे जाने और शिलापट्ट (उद्घाटन बोर्ड) पर विधान परिषद सदस्यों का नाम शामिल नहीं किए से जुड़ा है. इस मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा देखने को मिला. 


विधान परिषद सदस्य तरुण कुमार ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने 7 दिसंबर 2021 को ग्रामीण विकास विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया था कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम में संबंधित सांसद, विधायक और विधान पार्षद को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए. यदि वे उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होना चाहें तो उन्हें प्राथमिकता दी जाए. इतना ही नहीं, शिलापट्ट पर नाम अंकित करने की भी स्पष्ट व्यवस्था तय हुई थी.


तरुण कुमार ने सदन में दावा किया कि उनके पास सुबह 9:30 बजे तक का वीडियो फुटेज है, जिसमें समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र के मोरवा में लगे उद्घाटन बोर्ड पर विधान परिषद सदस्यों का नाम नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें न तो निमंत्रण दिया गया और न ही उनके नाम को शिलापट्ट पर स्थान दिया गया, जो सीधे-सीधे सरकार के आदेश की अवहेलना है.


विधान परिषद के सभापति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी कार्यक्रम हो. उसमें विधान परिषद के सदस्य भाग ले सकते हैं और उनका नाम प्राथमिकता से रहेगा. क्योंकि यह उच्च सदन है. उन्होंने संबंधित मामले में जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.

 

वहीं, मंत्री अशोक चौधरी ने इस मुद्दे पर कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह से स्पष्ट है. सभी तकनीकी पदाधिकारियों को निर्देश जारी हैं कि सांसद, विधायक और विधान पार्षदों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए. हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ जगहों पर तकनीकी स्तर पर गलती हो जाती है.

 


अशोक चौधरी ने बताया कि मामला आने के बाद डीएम को सूचना दी गई है और जहां-जहां ऐसी शिकायतें मिली हैं, वहां पुराने शिलापट्ट हटवाकर नए बोर्ड लगवाए गए हैं. इसके अलावा संबंधित कार्यपालक अभियंता को कारण-बताओ नोटिस जारी की गई है. सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

 

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