Lagatar Desk : बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा. चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.
#WATCH पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान जारी है. वीडियो मीठापुर के बी.डी. कॉलेज स्थित मतदान केंद्र से है. https://t.co/XwMHOK56AX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 23, 2026
5,32,847 मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का इस्तेमाल
एमएलसी चुनाव को लेकर राज्य में कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. मतदाता सूची के अनुसार, इनमें 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिलाएं और 37 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं.
वहीं दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या देखें तो चार स्नातक सीटों पर 4,92,594 मतदाता पंजीकृत हैं. वहीं, चार शिक्षक सीटों के लिए 40,253 मतदाता अपने वोट डालेंगे. सभी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 27 अक्टूबर को तय होगा.
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8 सीटों के लिए 150 उम्मीदवार मैदान में
इस बार कुल 150 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 90 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 60 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं.
जानें स्नातक सीट पर कौन कर सकता है मतदान
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वोट डालने के नियम सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होते हैं. यहां हर स्नातक व्यक्ति को अपने आप मतदान का अधिकार नहीं मिल जाता है. इस क्षेत्र में वोट डालने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं.
- 3 साल पुराना स्नातक : निर्धारित अर्हता तिथि से कम से कम 3 साल पहले स्नातक की डिग्री हासिल की हो.
- वोटर लिस्ट में नाम : संबंधित स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है.
- पंजीकरण अनिवार्य : मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए निर्धारित आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
शिक्षक MLC चुनाव में कौन डाल सकता है वोट?
बिहार विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वोट डालने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं.
- 3 साल का शिक्षण अनुभव : पिछले 6 वर्षों के भीतर कम से कम 3 साल पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए.
- संस्थान की शर्त : शिक्षक माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में पढ़ाता हो. प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक आमतौर पर पात्र नहीं होते.
- निवास : मतदाता का संबंधित शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना जरूरी है.
- सेवानिवृत्त शिक्षक : तय शर्तों के अनुसार, योग्य सेवानिवृत्त शिक्षक भी वोटर बन सकते हैं.
- फॉर्म 19 जरूरी : मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 19 भरना होता है. इसके साथ संस्थान के प्रधान का शिक्षण अनुभव प्रमाण पत्र भी देना पड़ता है.

