Buxar : बिहार के भोजपुल जिले में कथित पुलिस उत्पीड़न के एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई है. कोर्ट ने बक्सर के मुरार थाने के तत्कालीन थानेदार कमल नयन पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है. जस्टिस जीतेंद्र कुमार की पीठ ने भोजपुर निवासी मनीष कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया है.
याचिकाकर्ता मनीष कुमार का आरोप है कि जुलाई 2024 में दस्तावेज अपलोड कराने के दौरान मुरार थाना पुलिस ने उसके साथ मारपीट की थी, जिसमें उसेके दोनों पैर टूट गए थे. इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई.
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मनीष कुमार के पैर बारिश के दौरान फिसलने से टूटे थे. लेकिन कोर्ट ने एक्स-रे रिपोर्ट व उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए इस दलील पर संदेह जताया. कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री गंभीर अपराध की ओर संकेत करती है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
हाईकोर्ट ने इस मामले में त्तत्कालीन थानेदार के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच सीआईडी को सौंपने का निर्देश दिया. साथ ही डीजीपी को 30 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर याचिकाकर्ता सीबीआई जांच की मांग को लेकर फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है.
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