Patna : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा के रूप में मान्यता दे दी है. केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने सांसद गोपालजी ठाकुर को जानकारी दी है कि CBSE पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से 8वीं तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता प्रदान कर दी गई है. यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की अनुशंसाओं के अनुरूप लिया गया है.
मंत्री जयंत चौधरी ने अपने पत्र में बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) मैथिली सहित संविधान की 22 अनुसूचित भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों का अनुवाद कर रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 5 तक और यथासंभव कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को मातृभाषा में शिक्षा देने की व्यवस्था की जा रही है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने X पर लिखा कि मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है.
उन्होंने आगे लिखा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को निरंतर नई मजबूती मिल रही है.
शिक्षा मंत्रालय और CBSE का यह कदम भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय भाषाई विरासत को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. इससे मैथिली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिलने की उम्मीद है.
बता दें कि काफी लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी जो आज पूरी हो गई. मान्यता मिल जाने से विद्यार्थी अब अपनी मातृभाषा मैथिली को औपचारिक विषय के रूप में पढ़ सकेंगे.
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