Lagatar Desk : पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने शनिवार की सुबह 7 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के आवास पहुंचे और उनसे मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. आरसीपी सिंह और नीतीश की मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
VIDEO | Bihar: Former JD(U) National President RCP Singh leaves from JD(U) chief Nitish Kumar's residence at 7 Circular Road in Patna.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 27, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/q0icrUrRTv
बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई. आरसीपी सिंह ने इस मुलाकात की तस्वीर अपने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की है. हालांकि दोनों ने किन मुद्दों पर बातचीत की, इसका पता नहीं चल सका है.
सूत्रों का कहना है कि बैठक में बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन और आने वाले समय की रणनीति जैसे विषयों पर चर्चा हुई. इस मुलाकात के बाद यह भी दावा किया जा रहा है कि आरसीपी सिंह का जनता दल (यूनाइटेड) में वापसी का रास्ता साफ हो गया है.
दूसरी तरफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह नीतीश कुमार से मुलाकात करने पहुंचे थे. वे काफी देर तक घर पर बैठे, लेकिन नीतीश कुमार उनसे नहीं मिले. आवास के बाहर खड़े आरसीपी सिंह के समर्थक का कहना है कि एमएलसी संजय गांधी और ललन सराफ ने मुलाकात होने नहीं दिया.
आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ,जनता दल (यूनाइटेड)के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद, हमारे नेता आदरणीय नीतीश बाबू से भेंट हुई। उनसे बात चीत हुई। मुलाक़ात बहुत आत्मीय रही। pic.twitter.com/LBCwAJ0Jhy
— RCP Singh (@RCP_Singh) June 27, 2026
गौरतलब है कि आरसीपी सिंह कभी जेडीयू के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल थे और नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेताओं में से एक माने जाते थे. उन्होंने पार्टी संगठन और केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं. लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व से मतभेद होने के बाद उन्होंने जेडीयू छोड़ दी थी.
ऐसे में नीतीश कुमार और उनकी मुलाकात ने कई सवाल और चर्चा छेड़ दी है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में बदलते हालात के बीच यह मुलाकात भविष्य के राजनीतिक समीकरणों का संकेत हो सकती है. वहीं, जेडीयू के कुछ नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी और इसे ज्यादा राजनीतिक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए.
दूसरी ओर, विपक्ष इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगा रहा है. माना जा रहा है कि यदि आने वाले दिनों में कोई बड़ा फैसला सामने आता है, तो बिहार की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं.
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