Patna: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को मुजफ्फरपुर कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. उनके खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को ACJM-प्रथम (पूर्वी) पंकज कुमार तिवारी की विशेष कोर्ट (MP/MLA) ने खारिज कर दिया है. यह मुकदमा भाजपा नेता व राज्य सरकार के तत्कालीन मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने 24 अगस्त 2018 को दायर किया था.
मामला मुजफ्फरपुर बालिका गृह के यौन उत्पीड़न कांड से संबंधित है. इस कांड के मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर समेत सभी दोषी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. यह मामला टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के टीम की रिपोर्ट पर हुई जांच में 34 लड़कियों के यौन शोषण का मामला सामने आया था.
तत्कालीन मंत्री सुरेश कुमार शर्मा की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि 26 जुलाई 2018 को पटना में मीडिया के समक्ष तेजस्वी यादव ने बालिका गृह दुष्कर्म मामले में संलिप्तता को लेकर दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाया था. इस परिवाद की सुनवाई व गवाहों के बयान के बाद विशेष कोर्ट को तेजस्वी यादव के खिलाफ आगे मुकदमा चलाने का पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिला. परिवाद दर्ज होने के करीब आठ साल बाद कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है.
साल 2018 में मुजफ्फरपुर में ब्रजेश ठाकुर द्वारा संचालित सेवा संकल्प एवं समिति द्वारा संचालित बालिकागृह में रहने वाली नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण की खबरें सामने आई थीं. इस कांड ने बिहार की सियासत को हिलाकर रख दिया था. जिसमें एक महिला मंत्री के पति को जेल तक जाना पड़ा.
पटना में तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इशारों में तब के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा को टारगेट किया था. जिसके बाद सुरेश शर्मा की ओर से तेजस्वी यादव के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. इस कांड में बीस से अधिक आरोपी तिहार जेल में आजीवन कारावास की सजा काट कर हैं.
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