Patna : सैयद अता हसनैन ने शनिवार को बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली. पटना के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उन्होंने आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया. समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित राज्य सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी नियुक्ति पत्र को पढ़कर सुनाया. कार्यक्रम में मंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, सुनील कुमार, संतोष कुमार सुमन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी उपस्थित थे. सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हैं और अपने लंबे सैन्य अनुभव के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने करीब 40 सालों तक सेना में सेवा दी है और कई जिम्मेदारियां संभाली हैं.
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील इलाकों में काम किया. जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है. 2012 से 2014 के बीच वे श्रीनगर स्थित 15 कोर यानी चिनार कोर के कमांडर रहे. इस दौरान उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया.
सेना में सेवा के दौरान और उसके बाद भी उन्होंने कई सामाजिक पहल कीं. खासकर युवाओं की शिक्षा, रोजगार, खेल और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने कई कार्यक्रम चलाए. कश्मीर में भटके हुए युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है.
इससे पहले 25 दिसंबर 2024 को आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का राज्यपाल बनाया गया था. उनके रूप में राज्य को 26 साल बाद मुस्लिम समुदाय से राज्यपाल मिला था.
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