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बिरसा मुंडा जू: जिराफ मिष्टी के मामले में किया गया क्वारंटाइन के नियमों का उल्लंघन

जिराफ मिष्टी की फाइल फोटो

Ranchi: बिरसा मुंडा जू के अधिकारियों ने जिराफ मिष्टी के मामले में क्वारंटाइन के नियमों का पालन नहीं किया. किसी वन्य प्राणी को एक चिड़ियाघर से दूसरे चिड़ियाघर लाये जाने पर 30 दिनों तक क्वारंटाइन (Quarantine) का नियम है. लेकिन पश्चिम बंगाल से जिराफ को बिरसा मुंडा जू में लाने के एक सप्ताह के अंदर ही उसे आम लोगों के सामने प्रदर्शित कर दिया गया. ऐसा वन विभाग के एक बड़े अधिकारी के निर्देश पर किया गया.


जिराफ मिष्टी को रांची लाने के लिए बिरसा मुंडा जू में पहले से बने बाड़े पर करीब 60 लाख रुपये खर्च कर उसे बेहतर बनाया गया. हालांकि इस राशि से जिराफ के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं करायी गयीं, इससे संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है. 


किसी भी बड़े जानवर जैसे जिराफ आदि को एक चिड़ियाघर से दूसरे चिड़ियाघर में लाने के लिए निर्धारित नियम है. इसके तहत जब जिराफ को किसी नये चिड़ियाघर में ले जाया जाता है तो नये चिड़ियाघर में उसे 30 दिनों के लिए Quarantine किया जाता है. यानी उसे अलग स्थान पर रखा जाता है. 
ऐसा करने का उद्देश यह है कि जिराफ नई जगह के वातावरण के अनुरूप ख़ुद को ढाल सके.

 

Quarantine की अवधि में उसका विशेष ध्यान रखने का प्रावधान है, ताकि उसे किसी तरह का तनाव नहीं हो. डॉक्टरों द्वारा जिराफ की जांच आदि के बाद दिये गये सलाह के आलोक में उसे Quarantine से बाहर लाने का नियम है. लेकिन जिराफ मिष्टी के मामले में इस नियम का पालन नहीं किया गया.


जिराफ मिष्टी को बंगाल से आठ अगस्त 2025 को बिरसा मुंडा जू में लाया गया. Quarantine के नियम के अनुसार, उसे एक अलग बाड़े में 30 दिनों तक रखना था. डॉक्टरों की सलाह के बाद ही उसे आम जनों के प्रदर्शन के लिए बाहर लाया जाना था. लेकिन जू के अधिकारियों ने 15 अगस्त 2025 को ही मिष्टी को आम लोगों के सामने प्रदर्शित कर दिया. 


यानी पश्चिम बंगाल से ओरमांझी लाने के बाद सिर्फ एक सप्ताह तक ही उसे Quarantine किया गया. उसे Quarantine से बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों की सलाह ली गयी या नहीं. यह जांच का विषय है. 


बताया जाता है कि वन विभाग के एक बड़े अधिकारी के निर्देश पर एक सप्ताह में Quarantine से बाहर निकाल पर मिष्टी को आम लोगों के सामने प्रदर्शित कर दिया गया. Quarantine की निर्धारित अवधि को पूरा नहीं करने की वजह से वन विभाग के अधिकारियों के बीच भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. 


इसमें यह कहा जा रहा रहा कि इतने कम समय में मिष्टी ख़ुद को नये वातावरण में नहीं ढाल पायी होगी. इससे उसे तनाव पैदा हुआ होगा. जिराफ के तनाव में रहने की वजह से उसमें कई तरह की समस्याएं पैदा होती है.  


बाड़े में लड़खड़ा कर मिष्टी के गिरने की दूसरी वजह उसके पैर में जख्म होना बताया जा रहा है. हालांकि इस दावे की पुष्टि Quarantine की अवधि और उसके बाद स्वास्थ्य से संबंधित जांच से जुड़े दस्तावेज के आधार पर ही की जा सकती है.

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