Ranchi: नवंबर 2024 में बीआईटी मेसरा के छात्र राजा पासवान की हत्या से जुड़े मामले में एक नाबालिग आरोपी को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है. न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की कोर्ट ने इस अमानवीय घटना को कॉलेज प्रशासन की लापरवाही बताया और ऐसी घटना रोकने में कॉलेज प्रबंधन का चूक करार दिया.
कोर्ट ने पाया कि घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने मृत छात्र के परिजनों को सच्चाई नहीं बताई. कॉलेज प्रबंधन ने मृत छात्र के परिजन को बताया कि राजा पासवान ने अत्यधिक शराब पी ली है. जबकि वास्तविकता यह थी कि वह दो बार हमले का शिकार हुआ था. अदालत ने कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते राजा को अच्छे अस्पताल में भर्ती कराया होता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी.
कोर्ट ने सरकार से राज्य के कॉलेज परिसरों में सुरक्षा के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि मामले के अन्य सह-आरोपी मौसम कुमार सिंह, साहिल अंसारी, इरफान अंसारी और अभिषेक कुमार की जमानत याचिका हाईकोर्ट से अगस्त 2025 से खारिज हो चुकी है.
क्या है मामला
दरअसल, 14 नवंबर 2024 को बीआईटी मेसरा के पॉलिटेक्निक कॉलेज में फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया था. इसी दौरान कुछ छात्रों के बीच विवाद हो गया. इस दौरान आरोपी छात्रों ने राजा पासवान के साथ न सिर्फ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, बल्कि उसकी पिटाई भी की. पीड़ित के पिता चंदन पासवान की शिकायत के अनुसार, उनके बेटे के शरीर पर लाठी, डंडे और बेल्ट से मारने के निशान थे. अगले दिन रिम्स में इलाज के दौरान राजा की मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट और गर्दन पर दबाव के कारण मौत की पुष्टि हुई है.
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