Ranchi: जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में हुई युवक की हत्या के मामले को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार और झारखंड पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और पुलिस की लापरवाही का बड़ा उदाहरण है. इस दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी जोगेंद्र और पार्टी प्रवक्ता अजय शाह, शोभा यादव और संदीप शर्मा भी मौजूद रहे.
आदित्य साहू ने कहा कि जमशेदपुर शहर के बीचों-बीच पुलिस की मौजूदगी में एक युवक की नृशंस हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही. उन्होंने आरोप लगाया कि जान बचाने के लिए युवक पुलिस की गाड़ी तक पहुंच गया था, लेकिन अपराधी उसे वहां से घसीटकर सड़क पर ले आए और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी.
उन्होंने कहा कि इस घटना में घायल एक अन्य युवक कोलकाता में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है. साहू ने कहा कि घटना का वीडियो इतना भयावह है कि उसे देखकर किसी भी व्यक्ति के रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने व्यापारी नीरज सिंह का बचाव करते हुए कहा कि वह लंबे समय से लाइसेंस लेकर डीडी बार का संचालन कर रहे हैं. उनका कारोबार पूरी तरह वैध है और सरकार की ओर से उन्हें लाइसेंस दिया गया है. उन्होंने कहा कि घटना के समय नीरज सिंह अपने प्रतिष्ठान में मौजूद नहीं थे. यह हत्या बार के अंदर नहीं, बल्कि चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी में हुई. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बार अवैध तरीके से चल रहा था तो प्रशासन ने पहले उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की और उसका लाइसेंस क्यों नहीं रद्द किया.
साहू ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने नीरज सिंह के परिवार को भी परेशान किया. उन्होंने कहा कि पुलिस रात में उनके घर पहुंची, दो गाड़ियां जब्त कर थाने ले गई. साथ ही उनकी पत्नी और बेटी को प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण दोनों मानसिक तनाव में हैं.
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड पुलिस की कार्यशैली ऐसी हो गई है कि किसी भी बड़ी घटना के बाद वह असली मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने और मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में भी ऐसा ही किया जा रहा है.
भाजपा ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखीं. पहली, हत्या में शामिल सभी अपराधियों के साथ-साथ घटनास्थल पर मौजूद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए. दूसरी, व्यापारी नीरज सिंह के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच कर यदि वह निर्दोष हैं तो उनका नाम तत्काल हटाया जाए. तीसरी, पुलिस मनगढ़ंत कहानियां बनाकर मामले को दबाने की कोशिश न करे और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाने या सजा देने का प्रयास न किया जाए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment