Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत गरमा गई है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे मतदाताओं को दिग्भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं.
आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री गरीबों, आदिवासियों और मूलवासियों का नाम लेकर “हिडन एजेंडा” चला रहे हैं और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भ्रामक बयान दे रहे हैं. उन्होंने सीएम के उस आरोप को निराधार बताया, जिसमें भाजपा पर मताधिकार और सरकारी योजनाओं से लोगों को वंचित करने की बात कही गई थी.
उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि चुनाव सुधार का हिस्सा है, जिसे आजादी के बाद कई बार लागू किया जा चुका है. यह पूरी तरह भारत निर्वाचन आयोग के अधीन प्रक्रिया है, जिसमें किसी भी राजनीतिक दल का हस्तक्षेप नहीं होता. इसके तहत पात्र मतदाताओं को जोड़ने और अपात्र नाम हटाने का काम किया जाता है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कार्यकाल में फर्जी मतदाताओं को बसाया गया है और अब उनकी पहचान होने के डर से विरोध किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि एसआईआर का उद्देश्य केवल वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करना है और इससे किसी पात्र व्यक्ति को नुकसान नहीं होगा.
साहू ने यह भी कहा कि झारखंड में मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि हुई है, जो जांच का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वोट बैंक को बचाने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि एसआईआर प्रक्रिया से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी और वास्तविक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचेगा.
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