Ranchi: मसीही संगठनों ने बीजेपी के 3 अप्रैल को झारखंड बंद ऐलान पर तारीख बदलने की मांग की. आज बुधवार को डंगराटोली स्थित YWCA में ऑल चर्चेस कमेटी-यूथ विंग के सचिव महिमा गोल्डन विलुंग, ऑल इंडिया क्रिश्चियन माइनॉरिटी फ्रंट के महिला मोर्चा अध्यक्ष अंशु लकड़ा, सचिव कुमुदिनी प्रभावती मिंज, यंग वूमेन्स क्रिश्चियन एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ.मृदुला खेस और झारखंड क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन के संदीप उरांव, समीर सांगा ने संवाददाता सम्मेलन किया.
संवाददाता सम्मेलन में मसीही समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे का पवित्र दिन है. 40 दिन तक का चालिसा काल अंतिम चरण में है. विश्व में ईसाई समुदाय प्रभु यीशु मसीह के दुखभोग का स्मरण करेंगे. इस दिन सुबह से रात तक गिरजाघरों में विशेष प्रार्थनाएं और धार्मिक अनुष्ठान होंगे.
बंद बुलाने से दो समुदायों में हो सकता तनाव- मसीही संगठन
संगठन ने कहा कि ऐसे पर्व पर झारखंड बंद बुलाना उचित नहीं है. इससे समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसलों से समाज में आपसी भाईचारा प्रभावित होगी. संविधान सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है, इसलिए किसी भी प्रकार की गतिविधि तय करते समय सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए.
साथ ही कहा कि, गुड फ्राइडे के दिन बंद बुलाने से दो समुदायों के बीच अनावश्यक तनाव हो सकता है, जिसे टालना जरूरी है. वहीं कुमुदिनी प्रभावती मिंज ने बताया कि यह 40 दिनों के उपवास और परहेज का पवित्र काल होता है, जिसमें अंतिम सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. प्रतिनिधियों ने हाल की हजारीबाग घटना पर भी संवेदना व्यक्त की. साथ ही अपील की कि इस पवित्र पर्व को ध्यान में रखते हुए, झारखंड बंद की तारीख 3 अप्रैल के बजाय रविवार के बाद अन्य दिन रखी जाए.
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