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संचार साथी ऐप पर भाजपा की सफाई, यह जासूसी के लिए नहीं, निजी डेटा तक इसकी पहुंच नहीं

राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि संचार साथी ऐप महज धोखाधड़ी से निपटने और मोबाइल फोन उपभोगकर्ताओं को अधिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लाया गया है. संबित पात्रा ने कहा, सरकार संचार साथी के जरिए आपकी जासूसी करना नहीं चाहती. सरकार किसी भी तरह की जासूसी नहीं करना चाहती.
 

 New Delhi  :  संचार साथी ऐप को लेकर राजनीतिक गलियारों में  हंगामा मचा हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार इस एप के जरिए जासूसी करने का प्लान बना रही है. जान लें कि केंद्र सरकार ने भारत में स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया हैं कि संचार साथी (साइबर सुरक्षा एप्लीकेशन) को पहले से स्मार्टफोन में इंस्टॉल कर दें .

 

केंद्र के अनुसार इस ऐप से उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी वाले कॉल-मैसेज संबंधी शिकायत करने और चोरी हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट करने की सुविधा मिलेगी. लेकिन कांग्रेस इस एप के माध्यम से जासूसी करने का  गंभीर आरोप लगा रही है.     

 


विपक्ष के आरोपों से केंद्र सरकार सहित भाजपा सकते में हैं. सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री सिंधिया सफाई देने सामने आये. इधर विपक्ष के हमले के बीच भाजपा ने आज कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि संचार साथी का उद्देश्य जासूसी करना नहीं है, बल्कि जनता के मोबाइल को अधिक सुरक्षित बनाना है.

 

 

राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि संचार साथी ऐप महज धोखाधड़ी से निपटने और मोबाइल फोन उपभोगकर्ताओं को अधिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लाया गया है. संबित पात्रा ने कहा, सरकार संचार साथी के जरिए आपकी जासूसी करना नहीं चाहती.  

 


संबित पात्रा ने बताया कि यह ऐप किसी के मैसेज नहीं पढ़ सकता. किसी की कॉल नहीं सुन सकता. कहा कि संचार साथी आपके निजी डेटा तक कभी नहीं पहुंच सकता. 

 


आज संसद भवन के बाहर प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से आरोप लगाया कि संचार साथी जासूसी ऐप है. कहा कि नागरिकों की निजता का हनन है. प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता को अपने परिवार और दोस्तों को संदेश भेजने का अधिकार होना चाहिए. सरकार की नजर इस पर नहीं होनी चाहिए

 

 
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मोदी सरकार और भाजपा पर बरसते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा   नागरिकों को विश्वास में लिये बिना संचार साथी ऐप को प्री-लोड करने का निर्देश तानाशाही को दर्शा रहा है.

 


खरगे ने  पूछा कि सरकार यह क्यों जानना चाहती है कि नागरिक अपने परिवार और दोस्तों से क्या बात करते हैं?  उन्होंने  लिखा, लोकतंत्र नष्ट हो रहा है. डायस्टोपियन युग फल-फूल रहा है.

 

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