- -बोले- न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
Ranchi News : वर्ष 2019 के बाद झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भाजपा ने मंगलवार को डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्र आंदोलन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और कथित परीक्षा घोटालों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई. हजारों भाजपा समर्थकों ने जिला स्कूल से कचहरी रोड होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया.
डीसी कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचकर समर्थक धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर हमला करने वालों को गिरफ्तार करनेवाले की मांग किए. धरना में हटिया विधायक नवीन जायसवाल, दीपक प्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, रांची विधायक सीपी सिंह, मेयर रौशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार समेत भाजपा के कई नेता शामिल हुए.
नवीन जायसवाल बोले- 2023 की CID जांच ठंडे बस्ते में
हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि 2019 के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी एवं धांधली हुए हैं. उन्होंने कहा कि 2023 में मामले की CID जांच शुरू हुई थी, लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई की गई. सरकार युवाओं को डराने का प्रयास किए है. उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए.
दीपक प्रकाश ने उठाए CID जांच पर सवाल
पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा छात्र दिन-रात मेहनत कर नौकरी की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा में गड़बड़ी से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है.प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीआईडी कर रही है, लेकिन ये बड़े लोगों तक नहीं पहुंच रही है. इसलिए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए.
हजारों छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों पर विभिन्न जिलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. ये मुकदमे वापस लिए जाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग किए. उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक आंदोलन सड़क पर जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीससगढ़ में एमडीआर को लेकर विरोध नहीं हो रहा है. लेकिन झारखंड में आंदोलन हो रही है, क्योंकि यहां कोयला चोरी की पैसा गठबंधन सरकार के पास जा रही है. भ्रष्टाचार और कोयला चोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नये कानून लागू किए, ताकि कोयला चोरी को रोका जा सके.

