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भाजपा ‘महिला हितैषी’ नहीं, संविधान से खिलवाड़ कर रही: अंबा प्रसाद

कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने भाजपा के “महिला हितैषी” होने के दावे को झूठा करार दिया. कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए संविधान विरोधी प्रपंच रचकर महिलाओं और आम जनता को गुमराह कर रही है.
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Ranchi: कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने भाजपा के “महिला हितैषी” होने के दावे को झूठा करार दिया. कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए संविधान विरोधी प्रपंच रचकर महिलाओं और आम जनता को गुमराह कर रही है.

 

प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की सचिव गुंजन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो और मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई वरिष्ठ नेत्रियां उपस्थित रहीं.

 

अंबा प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इतिहास ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा, जिन्होंने चुनाव के दौरान जनता के बीच भ्रम और असत्य फैलाने का काम किया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है और संविधान में अनुच्छेद 330A, 332A और 334A जोड़े जा चुके हैं, तो फिर उसी विषय को दोबारा उठाने की क्या आवश्यकता थी. उन्होंने इसे “चुनावी प्रपंच” बताया.

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गांवों और कम शिक्षित आबादी को निशाना बनाकर दुष्प्रचार कर रही है. अंबा प्रसाद ने कहा कि देश में बहुत कम लोग संवैधानिक प्रावधानों की गहरी समझ रखते हैं, जिसका फायदा उठाकर भाजपा के नेता रैली और प्रचार के जरिए महिलाओं को गुमराह कर रहे हैं. कांग्रेस ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से गंभीरता से लेते हुए “संविधान जागृति अभियान” शुरू करने की घोषणा की है.

 

संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए अंबा प्रसाद ने बताया कि:

-अनुच्छेद 330A के तहत लोकसभा में 33% महिला आरक्षण पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है.

-अनुच्छेद 332A राज्य विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण की व्यवस्था करता है.

-अनुच्छेद 334A के अनुसार यह आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा तथा 15 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा.


उन्होंने जनता से अपील की कि वे स्वयं संविधान की डिजिटल प्रति देखकर सच्चाई जानें. साथ ही मीडिया से भी कहा कि वह संविधान की गरिमा बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाए और दुष्प्रचार का समर्थन न करें.

 

अंबा प्रसाद ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि भाजपा महिलाओं को “लिपस्टिक” देने का वादा कर रही थी, लेकिन डिब्बे में “नेलपॉलिश” निकली. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का तथाकथित नया बिल वास्तव में महिला आरक्षण से जुड़ा नहीं था, बल्कि परिसीमन के नाम पर भ्रम फैलाने का प्रयास था, जो अंततः विफल हो गया. कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह आगे भी इस मुद्दे पर जन-जागरूकता अभियान चलाकर भाजपा के “भ्रम जाल” को उजागर करेगी.

 

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