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थैलीसीमिया बच्चों को HIV खून चढ़ाने के खिलाफ भाजपा का हल्लाबोल, CBI जांच की मांग की

चाईबासा में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले पर सियासत गरमा गई है. भाजपा ने सोमवार को राज्यभर में धरना-प्रदर्शन कर इस घटना को झारखंड के स्वास्थ्य तंत्र की भीषण विफलता करार दिया
 

Ranchi  : चाईबासा में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले पर सियासत गरमा गई है. भाजपा ने सोमवार को राज्यभर में धरना-प्रदर्शन कर इस घटना को झारखंड के स्वास्थ्य तंत्र की भीषण विफलता करार दिया.


 
पार्टी ने महामहिम राज्यपाल के नाम जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई या हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की. साथ ही दोषियों को कठोर सजा और स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई.

 

घाटशिला उपचुनाव के दौरान चुनावी सभा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार जनता को जिंदगी नहीं मौत परोस रही है. 


उन्होंने कहा कि गरीबी में इलाज की उम्मीद लेकर सरकारी अस्पतालों में जाने वाले मरीजों को राज्य सरकार मौत देकर इलाज का नाटक कर रही है. मरांडी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 13 जनवरी 2021 को ही ब्लड बैंकों की स्थिति पर राज्य को अलर्ट किया था, अवैध संचालन और खून के व्यापार की शिकायतों की जांच करने को कहा था. लेकिन राज्य सरकार ने इसे हल्के में लिया और चार साल तक कुछ नहीं किया.

 

भाजपा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में भी कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण सरकारी अस्पताल अब इलाज नहीं बल्कि मौत का घर बन चुके हैं. ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ब्लड बैंक निगरानी में भारी धांधली है और अब यह मामला केवल चाईबासा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में संक्रमित खून चढ़ाने की घटनाओं के संकेत मिल रहे हैं.

 

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है. टेंडर और आउटसोर्सिंग में मनमानी हो रही है, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री जारी है और मंत्री द्वारा फाइलों पर कमीशन के लिए रोके जाने जैसी शिकायतें तक सामने आई हैं. पार्टी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था गरीबों की जान के साथ खिलवाड़ है और अब जनता इस सरकार को बख्शने वाली नहीं है.

 

भाजपा ने मांग की कि दोषी अधिकारियों को जेल भेजा जाए, स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए और पूरे ब्लड बैंक सिस्टम की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को इस भयावह स्थिति से बाहर निकाला जा सके.

 

 

 

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