- जिला समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा
- डीडीसी ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
Bokaro : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत एवं गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई. डीडीसी ने योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
डीडीसी ने निर्देशित किया कि बंद पड़े विद्यालय भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित (को-लोकेशन) करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए. इसके लिए सर्वे कार्य को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर विस्तृत प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा तथा बच्चों को सुरक्षित एवं उपयुक्त वातावरण मिल सकेगा. जानकारी हो कि, 102 आंगनबाड़ी केंद्र को बंद पड़े विद्यालय भवन में स्थानांतरित किया गया है. शेष का कार्य प्रगति पर है.
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्धता को प्रमुख बाधा बताते हुए डीडीसी ने सभी अंचल अधिकारियों एवं सीडीपीओ को आपसी समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर भूमि चिन्हितीकरण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया. जानकारी हो कि, 30 केंद्रों के लिए भूमि चिन्हित कर लिया गया है, शेष कार्य प्रगति पर है.
उन्होंने डीएसडब्ल्यूओ को निर्देशित किया कि जिले में कार्यरत विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का विस्तृत ब्योरा तैयार किया जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि किस एजेंसी द्वारा कितने केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है तथा किन कारणों से कार्य लंबित है.
ने कहा कि जो आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण पूर्ण हो चुके हैं, उनका हैंडओवर कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए सीडीपीओ स्तर से हैंडओवर की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
डीएसडब्ल्यूओ को निर्देशित किया गया कि सभी संबंधित निर्माण एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर हैंडओवर प्रक्रिया को सीडीपीओ स्तर से सुनिश्चित कराने को कहा. पोषण ट्रैकर एप में डेटा एंट्री की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीडीसी ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि लाभुकों से संबंधित सभी सूचनाएं नियमित एवं अद्यतन रूप से दर्ज की जाएं.
उन्होंने कहा कि यह एप पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग का महत्वपूर्ण माध्यम है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
डीडीसी ने जिले के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका (न्यूट्री गार्डन) के निर्माण एवं शेष बाला पेंटिंग कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इन पहल से बच्चों के समग्र विकास के साथ-साथ केंद्रों का वातावरण भी आकर्षक एवं शिक्षाप्रद बनेगा.
उन्होंने केंद्रों को राज्य व जिला स्तर से उपलब्ध आरओ पेयजल एवं एलईडी टीवी एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की केंद्र में उपलब्धता तथा उनके अधिष्ठापन एवं संचालन की वर्तमान स्थिति का समेकित प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा.
बैठक में टीएचआर (टेक होम राशन), आपार आईडी, धरती आबा, आभा आईडी, पोषण पखवारा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शक्ति सदन सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की. डीडीसी ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए.
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