- कोर्ट ने कहा, क्या DNA जांच के लिए कोर्ट के आदेश का इंतजार हो रहा है?
- हाईकोर्ट ने DGP, बोकारो SP, FSL डायरेक्टर और नई SIT टीम को कल 10.30 बजे किया तलब
- DGP वर्चुअल हुईं हाजिर
Ranchi : बोकारो से 18 वर्षीय युवती के गुमशुदगी से जुड़े मामले में बरामद नरकंकाल का मामला आज हाईकोर्ट में उठा. प्रार्थी के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यह कंकाल युवती का नहीं है. सरकार की ओर से बताया गया कि कंकाल का पोस्टमार्टम किया जाएगा. एफएसएल और डीएनए जांच भी होगी.
इस पर कोर्ट ने पूछा कि जो कंकाल बरामद हुआ है, उसका अबतक DNA जांच हुआ या नहीं? क्या इस डीएनए टेस्ट के लिए युवती के माता-पिता का सैंपल लिया गया है? जिसका सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. सुनवाई के दौरान DGP वर्चुअल रूप से हाजिर हुईं.
कोर्ट ने मामले में DGP, बोकारो SP बोकारो, FSL डायरेक्टर और नई SIT टीम को सारे दस्तावेज के साथ कल यानी गुरुवार को 10. 30 बजे तलब किया है. सरकार और डीजीपी से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट ने नाराज की जताई और कहा कि अगर SIT जांच में लापरवाही पाई जाती है तो मामले को सीबीआई को भी दिया जा सकता है.
कोर्ट में डीजीपी से पूछा कि अबतक डीएनए टेस्ट क्यों नहीं हुआ? क्या कोर्ट के आदेश का इंतजार किया जा रहा है. जबकि कंकाल मिले तीन-चार दिन बीत चुके हैं. युवती के माता-पिता का सैंपल और कंकाल का सैंपल लेकर मात्र तीन-चार घंटा में डीएनए टेस्ट हो सकता था और इसका रिजल्ट आ सकता था. लेकिन क्यों इस मामले को देर किया जा रहा है?
प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और अधिवक्ता शांतनु गुप्ता ने पक्ष रखा. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई. कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि अभियुक्त दिनेश महतो को गिरफ्तार किया गया है.
वहीं लापता युवती का कंकाल बोकारो के जंगल से बरामद किया गया है. बोकारो एसपी ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर पिंडराजोड़ा थाना के 18 पुलिस जवानों को निलंबित कर दिया है. बता दें कि मामले में लड़की की मां ने हेवियस कॉपस दायर की है.
युवती 31 जुलाई 2025 से लापता थी. मामले को लेकर बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना में कांड संख्या 147 /2025 दर्ज किया गया था.
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