Ranchi : वेतन मद से फर्जी निकासी मामले में गिरफ्तार मुनिंद्र कुमार को महंगी शराब पीने की आदत थी. वह दफ्तर में भी शराब पीता था. फर्जी निकासी में उसका सहयोगी संजीव कुमार उसे उठाकर घर पहुंचाता था. वित्तीय वर्ष के अंतिन दिम मुनिंद्र दफ्तर में ही शराब पीकर गिर गया था. बाद में संजीव उसे उठा कर घर ले गया.
वेतन मद से फर्जी निकासी मामले में गिरफ्तार मुनिंद्र 5-10 हजार रुपये से कम कीमत की शराब नहीं पीता था. बताया जाता था कि वह अक्सर दफ्तर में ही बैठकर शराब पीता था. वेतन मद से फर्जी निकासी के बाद मिले पैसों से उसे महंगी शराब पीने की आदत लगी थी. मुनिंद्र ने तीन वित्तीय वर्ष के दौरान कुल दो करोड़ 94 लाख 23 हजार 52 रुपये की फर्जी निकासी की है.
प्रधान महालेखाकार (अकाउंट्स) द्वारा सरकार को भेजे गये पत्र और वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के आलोक में रांची के उपायुक्त ने भी रांची ट्रेजरी से फर्जी निकासी की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था.
समिति ने प्रारंभिक जांच के दौरान पाया कि Institue of Animal Health And Production में पदस्थापित अकाउंटेट ने कुबेर पोर्ट के डाटा में छेड़छाड़ कर अपने और संजीव के नाम पर वेतन मद में वास्तविक वेतन से अधिक की निकासी की थी.
जांच में पाया गया कि मुनिंद्र कुमार ने (GPF No- CRT/VET/01) में छेड़छाड़ कर अपने बैंक खाता नंबर 1175766109 में एक करोड़ 52 लाख 43 हजार 572 रुपये की अधिक निकासी की थी. यह बैंक खाता लालपुर ब्रांच में है.
मुनिंद्र ने अपने सहयोगी संजीव कुमार के ब्योरे में (TMP/RNC/22229) छेड़छाड़ कर खाता नंबर 923010010228484 से तीन साल की अवधि में एक करोड़ 41 लाख 79 हजार 480 रुपये की अवैध निकासी की. संजीव कुमार का यह बैंक खाता दिपाटोली स्थित एक्सिस बैंक में है.
फर्जी निकासी के इस मामले में जारी जांच के दौरान वेतन में की गयी फर्जी निकासी की राशि के बढ़ने का आशंका है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment