Bokaro : पूरे झारखंड में चल रहे नशा मुक्ती अभियान के तहत मादक पदार्थों के दुरुपयोग व अवैध तस्करी के विरुद्ध संचालित दस दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का समापन समारोह हुआ. गरगा पुल स्थित अमृत पार्क से आयोजित होने के साथ जागरूकता रैली संपन्न हुआ. सूचना व जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित रैली अमृत पार्क से प्रारंभ होकर धर्मशाला मोड़, चास पहुंचकर समाप्त हुई.
इस दौरान नशा मुक्ति के पक्ष में जन-जागरूकता संदेश दिए गए और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया. समापन समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि पिछले दस दिनों से चल रहे नशा मुक्ति अभियान का औपचारिक समापन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही जिले में एक निरंतर व अनवरत नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही है.
उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, एएनएम व बच्चों ने जिस समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ इस अभियान को सफल बनाया है, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है.
उपायुक्त ने उपस्थित लोगों से जीवन में कभी भी नशा नहीं करने का संकल्प लेने का आह्वान किया,और कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर एक छोटी-सी गलती या जिज्ञासा से होती है. साथ ही युवाओं से अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने व किसी भी प्रकार के प्रलोभन से दूर रहने की अपील की.
उपायुक्त का कहना है कि हाल ही में पद्म सम्मान से सम्मानित आदरणीय गुरुजी स्वर्गीय शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन नशा मुक्ति और शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित किया. उन्होंने समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया.
उनकी प्रेरणा आज भी हम सभी के लिए मार्ग दर्शक है. मौके पर पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना ने कहा कि कई बार कुछ लोग गलत संगति के माध्यम से युवाओं को नशे की ओर धकेलने का प्रयास करते हैं. ऐसे लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है.
यदि कोई व्यक्ति किसी को नशा की ओर प्रेरित करता है या गलत गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास करता है, तो इसकी जानकारी तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों व प्रशासन को दें. नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है. इसलिए सभी को स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लेना चाहिए.
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि नशा आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है. इसे समय रहते नहीं रोका गया तो इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भुगतने पड़ सकता हैं. नशा एक ऐसी बीमारी है जो वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी प्रभावित करता है.
डीडीसी ने कहा कि 15 से 30 वर्ष का आयु वर्ग भारत की सबसे बड़ी ताकत है. इसे देश का डेमोग्राफिक डिविडेंड माना जाता है. यदि यही युवा शक्ति नशे की चपेट में आ जाए तो पूरे समाज और राष्ट्र के लिए चिंता का विषय होगा. उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने परिवार और आसपास के लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने की अपील की.
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त अजय नाथ झा ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया. इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी नशा को ना, जिंदगी को हां.. का प्रभावी संदेश दिया गया. मौके पर अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद कुमार ने भी अपना वक्तव्य रखा.
कार्यक्रम का संचालन जिला जनसंपर्क अधिकारी रवि कुमार ने किया.
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