Bokaro : बोकारो स्टील प्लांट में हुए हादसे में घायल बीएसएल कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. उसके बाद ADM बिल्डिंग के मुख्य गेट पर 8 दिनों से परिजन और स्थानीय लोगों का प्रदर्शन जारी है. प्रबंधन की उदासीनता के कारण प्रदर्शन अब उग्र होते दिख रहा है. शनिवार को पुलिस व यूनियन नेताओं के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले आठ दिनों से सुभाष चंद्र मोदी का शव मॉर्चरी में रखा हुआ है, लेकिन प्रबंधन की ओर से आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी के बारे कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है. नाराज परिजनों व कुछ नेताओं ने ADM बिल्डिंग के मेन गेट को शनिवार को जाम कर दिया. इसे देखते हुए ADM बिल्डिंग को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. इस आंदोलन में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो की भी इंट्री हुई है.
परिजनों के अनुसार, बीएसएल कर्मी सुभाष चंद्र मोदी 30 जून को प्लांट में ड्यूटी के दौरान हादसे का शिकार हो गए थे. उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी. पहले उन्हें प्लांट मेडिकल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया, जहां लंबा इलाज चला.
इलाज के दौरान 17 जुलाई को उनकी मौत हो गई. तब से शव मॉर्चरी में रखा है और सड़क पर आंदोलन जारी है. सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि बोकारो स्टील प्रबंधन मनमानी कर रहा है. आश्रित को नौकरी मिलनी ही चाहिए. उन्होंने अन्य ट्रेड यूनियनों से भी अपील की कि आंदोलन में सहयोग करें.
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