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Bokaro News: जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर उपायुक्त सख्त, बीएसएल प्रबंधन को कार्रवाई के निर्देश

Bokaro News: रिपोर्ट के आधार पर बीएसएल प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया गया है. उपायुक्त अजय नाथ झा ने गुरुवार को कहा कि जांच में भवनों के नियमित रखरखाव एवं समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता सामने आई है. जर्जर एवं असुरक्षित भवनों को समय रहते चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके.
 
बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा

Bokaro News: 28 अगस्त को बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-12 ई स्थित क्वार्टर संख्या 1290 के अचानक जमींदोज होने की घटना के बाद डीसी अजय नाथ झा सख्त एक्शन लिया है. जमींदोज मामले में उपायुक्त अजय नाथ झा ने घटना की परिस्थितियों एवं कारणों की विस्तृत जांच के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को जिम्मा दिया था. 31 अगस्त को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीसी ने बीएसएल प्रबंधन को कई निर्देश दिए है.


रिपोर्ट के आधार पर बीएसएल प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया गया है. उपायुक्त अजय नाथ झा ने गुरुवार को कहा कि जांच में भवनों के नियमित रखरखाव एवं समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता सामने आई है. जर्जर एवं असुरक्षित भवनों को समय रहते चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके.

 

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उन्होंने बीएसएल प्रबंधन को स्पष्ट एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने का निर्देश दिया. इसके तहत तकनीकी एजेंसी के माध्यम से भवनों का नियमित सर्वे कराया जाए तथा असुरक्षित भवनों को चिह्नित कर उन्हें खाली कराने, मरम्मत कराने अथवा आवश्यकतानुसार ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. 


उपायुक्त ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप बीएसएल प्रबंधन को असुरक्षित भवनों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा की जाए. ऐसे भवनों पर स्पष्ट रूप से असुरक्षित भवन का बोर्ड लगाया जाए. वहां रह रहे लोगों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करते हुए निर्धारित समय-सीमा में उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए. 


आवश्यकता पड़ने पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में भी स्थानांतरण की कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने आवास आवंटन से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण समिति  गठित करने का निर्देश दिया, ताकि आवास आवंटन से संबंधित आपत्तियों एवं शिकायतों की सुनवाई कर उचित समाधान किया जा सके. 


उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान पुराने ओवरहेड टैंकों के कारण भवनों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार की स्थिति का भी संज्ञान लिया. बीएसएल प्रबंधन को पुराने टैंकों के स्थान पर प्लास्टिक टैंकों के माध्यम से वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. यह कार्य 10 दिनों के भीतर पूरा करने को कहा गया है.


साथ ही, जिन क्वार्टरों में मामूली मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तत्काल आवश्यक मरम्मत कार्य कराने का निर्देश दिया गया, ताकि कर्मचारियों एवं अन्य निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

 

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