Bokaro: उपायुक्त अजय नाथ झा ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए जिले में सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्धता प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले का कोई भी घर पेयजल सुविधा से वंचित नहीं रहे. इसके लिए गांव वार एवं घरवार गैप एनालिसिस, खराब एवं बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत, पेयजल से वंचित क्षेत्रों की पहचान तथा एआइ आधारित तकनीक के उपयोग से कार्ययोजना तैयार कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा.

उपायुक्त अजय नाथ झा ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा की
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार,कार्यपालक अभियंता पीएचईडी चास राम प्रवेश राम, कार्यपालक अभियंता तेनुघाट चंदन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी रवि कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
पेयजल से वंचित क्षेत्र होंगे चिन्हित
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन गांवों एवं बस्तियों में अब तक पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनकी शीघ्र पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि खराब एवं बंद पड़े हैंडपंपों की सूची तैयार कर उनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापना कर उन्हें शीघ्र चालू कराया जाए, ताकि आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके.
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हर घर जल योजना का होगा गैप एनालिसिस
उपायुक्त ने हर घर जल योजना के अंतर्गत गांव वार एवं घर वार गैप एनालिसिस कराने का निर्देश देते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि किन क्षेत्रों एवं परिवारों तक अभी भी पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है. संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
एआइ एवं सेंसर तकनीक से होगा आकलन
बैठक में एआइ एवं सेंसर आधारित तकनीक के उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई. उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक तकनीक की सहायता से जल स्रोतों एवं जल उपलब्धता की पहचान, जल संकट वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन तथा पेयजल आपूर्ति में मौजूद कमियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा. इससे आवश्यक क्षेत्रों की पहचान कर योजनाओं का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा.
DMFT के माध्यम से तैयार होंगी प्राथमिकता वाली योजनाएं
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि डीएमएफटी के माध्यम से पेयजल से वंचित क्षेत्रों के लिए आवश्यक परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए. जिला खनन कार्यालय को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में समस्या का स्पष्ट विवरण, पेयजल सुविधा से वंचित क्षेत्रों का विवरण तथा एआइ आधारित समाधान एवं कार्यान्वयन की विस्तृत रूपरेखा शामिल करने को कहा गया.
समयबद्ध कार्रवाई पर दिया जोर
उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंताओं को गांव-वार एवं घरवार गैप एनालिसिस, खराब हैंडपंपों की सूची एवं मरम्मत कार्ययोजना, पेयजल से वंचित क्षेत्रों का चिन्हांकन तथा एआइ आधारित विश्लेषण रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा में तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य 'हर घर जल' के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करते हुए बोकारो जिले के प्रत्येक घर तक सुरक्षित, स्वच्छ एवं नियमित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करना है.
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