Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Bokaro News: डीपीएस बोकारो में प्राइमरी विंग के सांस्कृतिक उत्सव का समापन, दिखा अनेकता में एकता का रंग

दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के प्राइमरी विंग के सांस्कृतिक उत्सव 'धरोहर' का समापन गुरुवार को अंतर-सदन समूह-नृत्य प्रतियोगिता के साथ में हो गया. विद्यालय के सभी छह सदनों के कक्षा 2 से पांचवीं तक तक विद्यार्थियों ने इसमें भाग लेकर न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई
Advertisement
Advertisement

Bokaro: दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के प्राइमरी विंग के सांस्कृतिक उत्सव 'धरोहर' का समापन गुरुवार को अंतर-सदन समूह-नृत्य प्रतियोगिता के साथ में हो गया. विद्यालय के सभी छह सदनों के कक्षा 2 से पांचवीं तक तक विद्यार्थियों ने इसमें भाग लेकर न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई, बल्कि अपनी रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों से भारत की सांस्कृतिक धरोहर की छटा बिखेरी. 


अपनी प्रत्येक प्रस्तुति में अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक परिधानों में सजे नन्हे नर्तकों ने उन प्रदेशों की सांस्कृतिक, सामाजिक व कलात्मक विशेषताओं का सुंदर प्रस्तुति दी. जिसमें चेनाब सदन की टोली ने भांगड़ा नृत्य से करते हुए पंजाब की जीवनशैली, लोकसंस्कृति एवं उत्सव का सुंदर मंचन किया. वहीं, जमुना हाउस के दल ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व राजस्थान की बंजारा जनजाति के सांस्कृतिक सौंदर्य को अपने लंबाडी नृत्य से दर्शाया. 

 

इसे भी पढ़ें:


जबकि झेलम हाउस की टीम ने अपनी प्रस्तुति में हरियाणा की ताकत, गरिमा और लोककला का सुंदर संगम प्रदर्शित किया. रावी सदन के ग्रुप ने संबलपुरी नृत्य के जरिए ओडिशा के पश्चिमी क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति को दिखाया, तो गंगा हाउस की टीम ने गोमीरा नृत्य-प्रस्तुति में पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर क्षेत्र की संस्कृति एवं बुराई पर अच्छाई की जीत को रेखांकित किया. 


सतलज सदन ने गरबा नृत्य के साथ गुजराती माटी की खुशबू, एकता और वहां के उत्सव के रंग को प्रदर्शित किया. इस प्रतियोगिता में जमुना और झेलम सदन संयुक्त रूप से प्रथम, सतलज और रावी साझा तौर पर द्वितीय और गंगा एवं चेनाब हाउस संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे.

 

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने बच्चों की प्रस्तुतियों को निःशब्द कर देने वाला बताते हुए मुक्तकंठ से उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि नृत्य केवल शारीरिक गतिविधियां नहीं, बल्कि अपनी अंतरात्मा की भावनाओं, संवेदनाओं और अनुभवों को कलात्मक ढंग से पिरोने का माध्यम है. प्रतियोगिता की निर्णायक मंडली में सीनियर विंग के शिक्षक नितेश कुमार, शिक्षिका तनुश्री घोष एवं स्मृति रॉय शामिल रहीं. संचालन पांचवीं कक्षा के छात्र पुष्पेश शेखर एवं छात्रा स्वधा प्रियवि ने किया.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही