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Bokaro News: सेक्टर-6 थानाप्रभारी ने बच्चों को किया जागरूक, बाल-सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन

मारी भावी पीढ़ी सुरक्षित रहेगी, तभी देश का कल सुरक्षित रहेगा. बच्चों की मुट्ठी में ही देश का भविष्य छिपा है. आज के समय में न केवल छात्राओं को, बल्कि छात्रों को भी स्पर्श संबंधी मामलों को लेकर बेहद सजग, सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है.
 

Bokaro: हमारी भावी पीढ़ी सुरक्षित रहेगी, तभी देश का कल सुरक्षित रहेगा. बच्चों की मुट्ठी में ही देश का भविष्य छिपा है. आज के समय में न केवल छात्राओं को, बल्कि छात्रों को भी स्पर्श संबंधी मामलों को लेकर बेहद सजग, सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है. ये बातें सेक्टर-6 की थाना प्रभारी संगीता कुमारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहीं. 


दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो की प्राइमरी इकाई में गुरुवार को सेक्टर-6 पुलिस की ओर से विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं के हित और सुरक्षा को केंद्र में रखकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बाल-सुरक्षा के इस विशेष अभियान में थाना प्रभारी संगीता कुमारी ने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श (गुड टच, बैड टच) के बारे में जानकारी दी.


उन्होंने बच्चों, खासकर छोटी बच्चियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे कोशिश करें कि अकेले कहीं न जाएं और अजनबियों से हमेशा सावधान रहें. यदि कोई अनजान व्यक्ति टॉफी या किसी अन्य चीज का लालच देकर कहीं ले जाने का प्रयास करे, तो उसके साथ हरगिज न जाएं. 


स्पर्श के संवेदनशील मामलों पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मां को छोड़कर घर के अन्य रिश्तेदार, सगे-संबंधियों, पड़ोसियों और शिक्षकों आदि की भी अपनी सीमाएं होती हैं, इसलिए बच्चों को हमेशा सावधान रहना चाहिए. उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए संदेश दिया कि यदि कोई भी व्यक्ति गलत व्यवहार करता है, तो तुरंत उसका पुरजोर विरोध करें और किसी अन्य की गलती की सजा स्वयं को कुंठित रखते हुए कभी न दें, बल्कि इसकी जानकारी तुरंत अपने माता-पिता को दें.

 

बाल सुरक्षा के साथ-साथ थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों से भी अवगत कराया. उन्होंने बच्चों से अपील की कि जब भी वे अपने अभिभावकों के साथ वाहन पर जाएं, तो खुद भी हेलमेट अथवा सीट बेल्ट का इस्तेमाल अवश्य करें और अपने माता-पिता को भी इसके लिए प्रेरित करें.

 

इसके अलावा, उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी. उन्होंने जोर देकर कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल केवल रचनात्मक और शैक्षणिक कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए.

 

कार्यक्रम के अंतिम चरण में बच्चों ने स्वनिर्मित कार्ड भेंटकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया. विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने पुलिस प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए इस तरह के आयोजनों को आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया. कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुनीता भारद्वाज एवं ममता त्रिपाठी के अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित रहे. 

 

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