Bokaro News: जिले के दुर्गापुर ललमटिया निवासी बुधनी देवी की जंगली सियार के हमले में घायल होने के बाद इलाज के क्रम में 3 सितंबर को रिम्स में निधन हो गया था. 7 सितंबर को प्रशासन की ओर से मृतका के परिवार को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई. जिसके तहत परिजनों को 4 लाख की जगह 10 लाख रुपया मुआवजे के तौर पर मिलेगा.
मृतका के पति बनमाली महतो को तत्काल क्रियाकर्म के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई. वहीं, कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 9 लाख 50 हजार रुपये और दिए जाएंगे. इसमें 4 लाख 50 हजार रुपये का चेक तथा 5 लाख रुपये उनके नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त मृतका के आश्रित बनमाली महतो को तीन वर्षों तक प्रतिमाह 2 हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी.
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बता दें, हेमंत सोरेन सरकार ने 15 जून को हुए कैबिनेट की बैठक में जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु पर मुआवजा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया था. साथ ही घायलों के लिए भी राशि बढ़ाई गई थी. बोकारो जिले में नए नियम के तहत जंगली जानवर के हमले में मौत के मामले में 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का यह पहला मामला बताया जा रहा है.
वन बचाव समिति उत्तरी छोटानागपुर के अध्यक्ष विष्णु चरण महतो ने कहा कि किसी परिवार के सदस्य की जंगली जानवर के हमले में मौत हो जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट के साथ-साथ भविष्य की चिंता भी खड़ी हो जाती है. विष्णु चरण महतो ने कहा कि बुधनी देवी के परिवार को कुल 10 लाख रुपये की सहायता मिलना पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत है.
केंद्रीय कोषाध्यक्ष आनंद कुमार महतो ने कहा कि सरकार से तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता मिलना सराहनीय कदम है. भाजपा मंडल महामंत्री अनीश कुमार जायसवाल ने कहा कि जंगली सियार के हमले में बुधनी देवी की मौत अत्यंत दुखद घटना है.
दुर्गापुर पंचायत समिति के पूर्व सदस्य रामकिशुन महतो ने वन विभाग जंगल के आसपास बसे गांवों में नियमित गश्ती और निगरानी बढ़ाने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो.
इस अवसर पर वनरक्षी सुरेश टुडू, जगदीश महतो, देवनाथ महतो, सृष्टिधर महतो, सुनीता देवी (प्रदान), बालेश्वरी देवी, बाबूराम महतो, ललित महतो समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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