Bokaro News: पिछले कई दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. चंदनकियारी प्रखंड की बाटबिनोर पंचायत अंतर्गत मधुडीह गांव में बारिश के कारण दो गरीबों के मिट्टी के घर ढह गए. इस हादसे में महतो कुल्ही टोला निवासी चिन्ता देवी (पति- संजय कुमार महतो) और मधुडीह निवासी जबा देवी (पति- पवन कुम्भकार) का आशियाना पूरी तरह जमींदोज हो गया.
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गनीमत ये रहीं कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दोनों परिवार बेघर हो गए हैं और फिलहाल दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं. पीड़ित परिवारों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि वे अत्यंत गरीब हैं और पक्के मकान के लिए महीनों से प्रखंड कार्यालय और पंचायत प्रतिनिधियों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली.
पीड़ितों ने जिला उपायुक्त एवं प्रखंड प्रशासन से गुहार लगाते हुए अविलंब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने और आपदा प्रबंधन कोष से उचित क्षतिपूर्ति राशि देने की मांग की है.
हादसे की सूचना मिलने पर किसान नेता सह पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जगन्नाथ रजवार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतरने के बजाय केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोग लाभ से वंचित हैं.
रजवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "चास और चंदनकियारी प्रखंड में पीएम आवास का लाभ वास्तविक पात्र गरीबों को न देकर अपात्र लोगों को बांटा गया है. यदि समय रहते योग्य परिवारों को आवास मिल गया होता, तो आज इन गरीब परिवारों को बेघर नहीं होना पड़ता." उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों के लिए तुरंत रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और क्षतिपूर्ति के साथ आवास योजना का समुचित लाभ दिया जाए.
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