Bokaro : बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड के कुमीरडोबा पंचायत में वर्षों से अधूरी और जर्जर पड़ी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गड्ढों व कीचड़ से भरी सड़क पर धनरोपनी की. ग्रामीणों ने कहा कि जब सरकार सड़क नहीं बना सकती, तो इसी पर खेती कर लेंगे.
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 3.2 किलोमीटर लंबी सड़क की स्वीकृति मिली थी. इस योजना पर करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति बेहद खराब है. सरकारी रिकॉर्ड में सड़क को पूर्ण दिखाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सड़क जगह-जगह गड्ढों, कीचड़ और जलजमाव से भरी हुई है. बारिश के दिनों में इस रास्ते से आवागमन करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
कुमीरडोबा पंचायत के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे हाथों में धान का बिचड़ा लेकर सड़क पर पहुंचे और सड़क पर जमा पानी व कीचड़ में धान की रोपाई की. इस दौरान ग्रामीण “सड़क नहीं तो वोट नहीं”, “2.5 करोड़ रुपये कहां गए”, “PMGSY का पैसा वापस लो” जैसे नारे लगा रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे बांस गाड़कर पोस्टर भी लगाए.
आंदोलन में शामिल 12वीं की छात्रा फूल कुमारी ने कहा कि उन्हें प्रतिदिन करीब चार किलोमीटर की दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ता है. बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़ और पानी जमा रहने के कारण कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं. उसने कहा कि हम पढ़ना चाहते हैं, लेकिन सड़क की हालत के कारण स्कूल जाने में भी परेशानी होती है. जब तक सड़क नहीं बनेगी, हम चैन से नहीं बैठेंगे.
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