Bokaro: राज्य और केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की दावा करती रहती हैं. लेकिन अस्पताल की लचर व्यवस्था से मरीज और परिजन को इधर-उधर भटकने को मजबूर है. मरीज भगवान भरोसे अस्पताल इलाज करवाने आते है. जबकि अस्पताल में लाखों रुपए की मशीन रखी है. लेकिन कोई ऑपरेट करने वाला टेकनिशियन नहीं हैं.

बोकारो के सदर अस्पताल में लाखों रुपए के वेंटिलेटर धूल खा रही है. यहां पीएम केयर फंड से आधा दर्जन से अधिक वेंटिलेटर खरीदे गए थे. जिसमें से सबसे अधिक वेंटिलेटर आईसीयू में लगाए गए. अधिकांश वेंटिलेटर खराब पड़े हैं जो बेहतर है उनके लिए अस्पताल के पास ऑपरेटर नहीं है. एक एनएसथीसिया डॉक्टर सौरभ कुमार मात्र है जो ऑपरेट कर सकते हैं.
जानकार बताते हैं कि कुछ दिन पूर्व डॉ. सौरभ कुमार वेंटिलेटर संचालन का ट्रेनिंग पूरी हुई है. ऐसे में सिविल सर्जन का यह दावा कि वेंटिलेटर कार्यरत हैं, अपने आप हास्यास्पद है. वैसे उन्होंने कहा कि कुछ वेंटिलेटर खराब है जिन्हें बनवाया जाएगा. मालूम हो कि वेंटिलेटर जब से खरीदा गया है तब से अस्पताल को ऑपरेटर नहीं मिला. जबकि राज्य के विभागीय मंत्री स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का वकालत करते रहे हैं.
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