सिंह ने युवाओं के लिए अग्निपथ योजना लांच की, सेना में 4 साल के लिए भर्ती होंगे अग्निवीर
इस मामले की शिकायत बीजेपी नेताओं ने की थी
बता दें कि इस मामले की शिकायत झारखंड के बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग से की थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नोटिस का जवाब देने को कहा था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूर्व में नोटिस का जवाब दे चुके हैं. झारखंड प्रदेश भाजपा की तरफ से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9ए के तहत मुख्यमंत्री को विधायकी से अयोग्य ठहराने के लिये राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया था. वहीं सीएम के भाई और विधायक बसंत सोरेन मामले में 15 जून को सुनवाई होनी है. बीजेपी ने भी विधायक पद के अयोग्य ठहराने की मांग की गई है. आरोप लगाया है कि उन्होंने तथ्यों को छिपाया. इसे भी पढ़ें - पोषण">https://lagatar.in/on-the-petition-of-poshan-sakhis-the-high-court-sought-answers-from-the-central-and-state-governments/">पोषणसखियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब [wpse_comments_template]

Leave a Comment