National News : BRICS सम्मेलन पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पी चिदंबरम के विचार से अलग राय प्रकट की है. थरूर ने इसे ग्लोबल साउथ के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म करार देते हुए कहा, BRICS महज बैठकों और घोषणाओं का मंच नहीं है. कहा कि यह भारत की कूटनीतिक ताकत दिखाने का मौका प्रदान करता है.
दरअसल पी चिदंबरम ने हाल में कहा था कि पिछले दो-तीन BRICS सम्मेलनो से भारत को क्या फायदा मिला. पूछा था कि BRICS की मेजबानी से भारत को क्या लाभ होगा. चिदंबरम के इस बयान पर भाजपा ने तंज कसते हुए उन्हें मोदी के शब्दों में नाराज फूफा करार दिया था.
हालांकि थरूर ने चिदंबरम की हर बात को खारिज नहीं करते हुए BRICS की कुछ कमजोरियां भी गिनाईं. उन्होंने माना कि कई अहम मुद्दों पर संगठन देशों के बीच सहमति बनाना मुश्किल है ईरान-अमेरिका और रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में कहा कि BRICS के विदेश मंत्री दोनों मामलों में साझा बयान तक जारी करने की हिम्मत नहीं जुटा पाये हैं.
थरूर ने इसे व्यापार के मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर नहीं बताया. थरूर ने उदाहरण दिया, BRICS देशों के साथ भारत का आयात बढ़ा है, जबकि निर्यात घटा है. इन कमियों के बावजूद थरूर ने BRICS को भारत के लिए रणनीतिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया.
शशि थरूर कहा, ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं. BRICS के 11 सदस्य देश दुनिया की बड़ी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के करीब 41 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने BRICS सम्मेलन की मेजबानी को भारत के लिए प्रतिष्ठा का विषय करार दिया.
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