Budmu : स्वशासन पड़हा सरकार युवा संगठन के नेता रोहन कुजुर पर मक्का हुटपई गांव के ग्रामीणों ने मतांतरण करने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है. उनका कहना है कि रोहन कुजुर आदिवासी और गैर-आदिवासी समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने और सामाजिक एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहा था.
ग्रामीणों ने बताया कि रोहन कुजूर योजनाबद्ध तरीके से गांव में नफरत फैलाने का काम कर रहा था. पोस्टर चिपकाकर समुदायों को अलग-अलग दिखाने का प्रयास किया गया. आरोप है कि रोहन कुजूर के भाषण व गतिविधियों से गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई.

ग्रामीणों ने घेरकर रोहन को पकड़ा
हालात बिगड़ते देख मक्का हुटपई के ग्रामीणों ने आत्मसुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर रोहन कुजूर को घेर लिया और बुढ़मू पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस की मौजूदगी में आरोपी को गांव से बाहर भेज दिया गया.

ग्राम सभा ने लिया निर्णय
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. ओझासाड़म पंचायत में भी रोहन कुजूर पर पड़हा सरकार भारत के नाम पर दो समुदायों में फूट डालने और पाहन के खेत की जबरन धान कटाई करवाकर गांव को तनाव में डालने का आरोप लग चुका है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस बार मक्का हुटपई गांव के ग्रामीणों ने ग्राम सभा की आपात बैठक बुलाई. बैठक में निर्णय लिया गया कि बुढ़मू प्रखंड में अब कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना अनुमति घुस नहीं पाएगा.
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