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पूर्व विधायक के कारनामों से झारखंड में बिजली संकट का खतरा गहराया, राजस्व भी प्रभावित

पूर्व विधायक के कारनामों से NTPC के चट्टी बरियातु कोयला क्षेत्र में विधि व्यवस्था की गंभीर समस्या पैदा होती जा रही है. इस वजह से नार्थ करणपूरा थर्मल पावर स्टेशन में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे राज्य में बिजली संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है.
 

Ranchi :   पूर्व विधायक के कारनामों से NTPC के चट्टी बरियातु कोयला क्षेत्र में विधि व्यवस्था की गंभीर समस्या पैदा होती जा रही है. इस वजह से नार्थ करणपूरा थर्मल पावर स्टेशन में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे राज्य में बिजली संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है.

 

साथ ही, कोयला उत्पादन और ढुलाई बाधित होने से राज्य के राजस्व पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इन तथ्यों का उल्लेख NTPC की ओर से हजारीबाग जिला प्रशासन को लिखे गये पत्र में किया गया है.

 

कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों को धमकाने का आरोप

NTPC की ओर से लिखे गये पत्र में कहा गया है कि पिछले 10 दिनों से चट्टी बरियातु कोल माइनिंग प्रोजेक्ट में विधि-व्यवस्था की समस्या लगातार बनी हुई है. एनटीपीसी के अनुसार, पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ परियोजना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को डरा-धमका और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे कामकाज में बाधा उत्पन्न हो रही है. 

 

आरोप है कि पूर्व विधायक द्वारा कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे दहशत में हैं. इस भय के माहौल का सीधा असर कोयले के उत्पादन और परिवहन पर पड़ रहा है.

 

कोयले की ढुलाई बाधित होने से नॉर्थ कर्णपुरा थर्मल पावर स्टेशन को समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे राज्य में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है. 

 

राजस्व पर भी पड़ रहा असर

एनटीपीसी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि कोयला उत्पादन और परिवहन में रुकावट के कारण राज्य सरकार को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित हो रहा है. कंपनी ने जिला प्रशासन से चट्टी बरियातु कोल परियोजना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. 

 

कोयले की ढुलाई बाधित होने से उत्पादन कार्य पर असर

उल्लेखनीय है कि हाल ही में पूर्व विधायक योगेंद्र साव द्वारा सड़क पर दीवार खड़ी करने से कोयले की ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई थी. जब ढुलाई बहाल करने के लिए दीवार तोड़ने की कोशिश की गई, तो पूर्व विधायक कुर्सी लेकर दीवार के पास बैठ गए थे. 

 

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने, तो उन्हें वहां से जबरन हटाकर कोयले की ढुलाई शुरू कराई गई. आरोप है कि इसके बाद पूर्व विधायक अपनी पत्नी और समर्थकों के साथ तीर-धनुष लेकर खदान परिसर में घुस गए और कर्मचारियों को डराकर उत्पादन कार्य को बाधित किया. 

 

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