Delhi : पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित सदी पुरानी फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम ने बुधवार तड़के बड़ा अभियान चलाया. दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 17 से 32 बुलडोजर लगाए गए, जिन्होंने बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, दुकान सहित अन्य अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया. करीब 4000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त कराया गया, साथ ही गिराए गए ढांचे का मलबा हटाने के लिए 200 ट्रक इस्तेमाल किए गए.
कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी की गई. हालांकि, विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस और MCD टीम पर पथराव किया, जिसमें 5 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए. स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग से उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है, कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.

हाईकोर्ट के आदेश पर लिया एक्शन
बता दें, कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट की नवंबर 2025 की डिवीजन बेंच के आदेश पर किया गया, जिसमें तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान में करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने के लिए MCD और PWD को तीन महीने का समय दिया गया था. MCD के दिसंबर 2025 के आदेश में कहा गया था कि मस्जिद के लिए आवंटित 0.195 एकड़ से अधिक की कोई भी संरचना अवैध है, क्योंकि कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाए गए. मस्जिद प्रबंधन समिति ने इसे वक्फ संपत्ति बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जहां मंगलवार को ही नोटिस जारी हुआ, लेकिन कार्रवाई रुकवाई नहीं गई.
अधिकारियों का कहना है कि मस्जिद की मुख्य इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया, केवल आसपास के अवैध निर्माण ही तोड़े गए. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. यह कार्रवाई सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन स्थानीय लोगों में इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं. पुलिस ने शांति की अपील की है.
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